प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार लगातार दूसरे दिन टूटा, सेंसेक्स 376 अंक कमजोर

प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार लगातार दूसरे दिन टूटा, सेंसेक्स 376 अंक कमजोर

प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार लगातार दूसरे दिन टूटा, सेंसेक्स 376 अंक कमजोर
Modified Date: January 6, 2026 / 06:17 pm IST
Published Date: January 6, 2026 6:17 pm IST

(चार्ट के साथ)

मुंबई, छह जनवरी (भाषा) वैश्विक स्तर पर तनाव और अमेरिकी शुल्क बढ़ने की चिंताओं के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स में 376 अंक की गिरावट रही जबकि निफ्टी करीब 72 अंक फिसल गया।

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विश्लेषकों के मुताबिक, एशियाई बाजारों के मजबूत रुख के बावजूद भारत पर शुल्क बढ़ाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनी से निवेशकों ने सतर्कता बरती।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 85,063.34 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 539.52 अंक तक लुढ़ककर 84,900.10 अंक पर आ गया था।

वहीं, एनएसई का मानक सूचकांक निफ्टी 71.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 26,178.70 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट के शेयर में 8.62 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में कंपनी की राजस्व वृद्धि के आंकड़े निवेशकों को उत्साहित करने में नाकाम रहे हैं।

वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एचडीएफसी बैंक भी नुकसान में रहे।

हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘रिलायंस और एचडीएफसी जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू बाजार में गिरावट रही। वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से उपजी अनिश्चितता और रूसी तेल आयात के मुद्दे ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसके अलावा तिमाही नतीजों का सिलसिला शुरू होने को लेकर भी सतर्कता है।’

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.39 प्रतिशत गिरावट में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.24 प्रतिशत की सुस्ती रही।

क्षेत्रवार सूचकांकों में ऊर्जा खंड में सर्वाधिक 1.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि तेल एवं गैस खंड को 1.22 प्रतिशत, सेवा खंड को 1.07 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद खंड को 0.63 प्रतिशत का नुकसान हुआ।

दूसरी तरफ, स्वास्थ्य देखभाल खंड ने 1.38 प्रतिशत की छलांग लगाई जबकि पीएसयू बैंक खंड में 0.52 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.43 प्रतिशत की तेजी रही।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘मिले-जुले वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बाजार धारणा सतर्क बनी रही। हाल में तेजी से चढ़ने वाले कुछ दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली होने से बाजार की रफ्तार पर विराम लगा।’

बाजार पर दबाव का एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान भी रहा। उन्होंने कहा है कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीद जारी रखने से वह खुश नहीं हैं और अमेरिका भारत पर शुल्क को ‘बहुत जल्द’ बढ़ा सकता है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 36.25 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,764.07 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद की।

इस बीच, एक सर्वेक्षण ने दिसंबर में देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर धीमी पड़ने की बात कही है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज का खरीद प्रबंध सूचकांक नवंबर के 59.8 से घटकर दिसंबर में 58.0 रह गया, जो 11 महीनों का सबसे निचला स्तर है। इस तरह कारोबारी भरोसा करीब साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का शेयर सूचकांक हैंग सेंग मजबूती के साथ बंद हुए।

यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.28 प्रतिशत चढ़कर 61.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

सोमवार को भी घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 322.39 अंक गिरकर 85,439.62 अंक और निफ्टी 78.25 अंक टूटकर 26,250.30 अंक पर रहा था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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