कच्चे तेल के दाम में उछाल से सेंसेक्स 388 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में

कच्चे तेल के दाम में उछाल से सेंसेक्स 388 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में

कच्चे तेल के दाम में उछाल से सेंसेक्स 388 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में
Modified Date: August 11, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: August 11, 2026 5:10 pm IST

मुंबई, 11 अगस्त (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक…बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी नुकसान में रहे। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी के साथ निवेशकों की धारणा प्रभावित होने से बीएसई सेंसेक्स 388 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 112 अंक की गिरावट आई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,154.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 494.18 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 78,048.26 अंक तक आ गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,471.70 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और पावर ग्रिड के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई।

वहीं इटर्नल, इन्फोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर लाभ में रहे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.18 प्रतिशत बढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट रही। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और साप्ताहिक वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों की समाप्ति से जुड़ी अस्थिरता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।’’

उन्होंने कहा कि कारोबार के दौरान वैश्विक तेल कीमतों में दोबारा आई तेजी बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से एक बार फिर महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशकों का उत्साह कम हुआ। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित होने और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता बनी रही।’’

छोटी कंपनियों से संबंधित बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप सेलेक्ट मामूली 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्षेत्रवार सूचकांकों में अस्पताल क्षेत्र में सबसे अधिक 1.82 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके अलावा रियल्टी में 1.03 प्रतिशत, एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियां) में 0.87 प्रतिशत, जिंस में 0.80 प्रतिशत, बिजली क्षेत्र में 0.54 प्रतिशत और पूंजीगत वस्तुओं के क्षेत्र में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

दूसरी तरफ, फोकस्ड आईटी, आवास वित्त, आईटी, ऊर्जा और सोच-विचार कर खर्च किये जाने वाले उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े क्षेत्र के शेयरों में बढ़त रही।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। जापान के शेयर बाजार में अवकाश के कारण बंद थे।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में मिला-जुला रुख रहा। वहीं, अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,974.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इससे पहले, सोमवार को सेंसेक्स 43.27 अंक की बढ़त के साथ 78,542.44 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 13.15 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,583.80 अंक पर रहा था।

भाषा रमण अजय

अजय


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