कच्चे तेल के दाम में नरमी से सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,450 के करीब
कच्चे तेल के दाम में नरमी से सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,450 के करीब
मुंबई, 23 सितंबर (भाषा) कच्चे तेल के दाम में नरमी के साथ घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को तेजी आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 299 अंक चढ़ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 23,450 अंक के करीब पहुंच गया।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में नरमी के अलावा पश्चिम एशिया में संकट कम होने की उम्मीद के साथ रेटिंग एजेंसियों के भारत के वृद्धि अनुमान बढ़ाने से धातु, वित्तीय और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में लिवाली से भी बाजार को समर्थन मिला।
बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,828.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 444.66 अंक चढ़कर 74,973.74 अंक तक पहुंच गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,446.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड और लार्सन एंड टुब्रो में प्रमुख रूप से तेजी रही।
दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचसीएलटेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.35 प्रतिशत बढ़कर 99.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच निवेशकों ने लिवाली की जिससे घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद और अमेरिकी तेल मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) के 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।’’
पोनमुडी ने कहा, ‘‘बेहतर वैश्विक माहौल, तेल कीमतों में नरमी और घरेलू आर्थिक वृद्धि के मजबूत अनुमान से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़ी कंपनियों के अलावा अन्य शेयरों में भी लिवाली की।’’
एसएंडपी, फिच, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) जैसी वैश्विक एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का वृद्धि दर अनुमान बढ़ाकर करीब सात प्रतिशत कर दिया। यह संशोधन जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और पश्चिम एशिया में संघर्ष के बावजूद घरेलू मांग में तेजी को देखते हुए किया गया है।
छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.85 प्रतिशत और मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ा।
बीएसई में कुल 2,809 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,579 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 209 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘सितंबर के शुरुआती अनुमान वाले खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों ने आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का भरोसा बढ़ाया है। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक वृद्धि बनी हुई है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।
यूरोप के अधिकांश बाजारों में दोपहर कारोबार के दौरान गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
सेंसेक्स मंगलवार को 329.91 अंक टूटकर 74,529.08 अंक और निफ्टी 85.30 अंक की गिरावट के साथ 23,329 अंक पर बंद हुआ था।
भाषा रमण प्रेम
प्रेम

Facebook


