आईटी उद्योग के लिए मानवीय भागीदारी के कारण एआई की ओर बदलाव तकलीफदेह होगा: एचसीएलटेक सीईओ

Ads

आईटी उद्योग के लिए मानवीय भागीदारी के कारण एआई की ओर बदलाव तकलीफदेह होगा: एचसीएलटेक सीईओ

  •  
  • Publish Date - February 24, 2026 / 01:05 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 01:05 PM IST

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) एचसीएल टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सी. विजयकुमार ने मंगलवार को कहा कि मानवीय भागीदारी के कारण आईटी उद्योग के लिए एआई की ओर बदलाव तकलीफदेह होगा।

नौकरियों और करीब 300 अरब अमेरिकी डॉलर के भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की प्रासंगिकता को लेकर व्यापक चिंताओं के बीच उन्होंने यह बात कही।

विजयकुमार ने हालांकि कहा कि यह उद्योग के लिए परेशान होने का समय नहीं है। ऐसे समय में जटिल ‘एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर’ को संभालने की क्षमता और ‘डोमेन’ की समझ इसकी प्रासंगिकता सुनिश्चित करेगी।

उद्योग जगत के वर्ष 2000 के बाद आए बदलावों से पार पाने का उल्लेख करते हुए विजयकुमार ने कहा कि उद्योग को खुद को फिर से गढ़ना होगा।

उद्योग संगठन नैसकॉम के एनटीएलएफ कार्यक्रम में देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी के सीईओ ने कहा, ‘‘ मैं कहूंगा कि यह बदलाव (एआई द्वारा लाया गया) अन्य परिवर्तनों से अलग है। यह तकलीफदेह होने वाला है क्योंकि इसमें वास्तव में मानवीय भागीदारी शामिल है।’’

वैश्विक स्तर पर कई प्रौद्योगिकी कंपनियों और भारत में भी कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी का विकल्प चुना है, क्योंकि एआई मॉडल काम को स्वचालित कर रहे हैं और उसे अधिक दक्षता से कर रहे हैं।

विजयकुमार ने कहा कि आईटी सेवा कंपनियां अनेक जटिलताओं से निपटती हैं और जिस संदर्भ में वे काम करती हैं, वही उन्हें प्रासंगिक बनाए रखेगा।

उन्होंने कहा कि यह भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ है और अगले पांच से 10 वर्ष में इस क्षेत्र की पूरी तरह से पुनर्कल्पना करने का अवसर है।

सीईओ ने कहा कि भविष्य में विशेष कौशल की मांग बढ़ेगी और लोगों को नवोन्मेषी तथा उच्च स्तरीय कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि पुनःकौशल (रिस्किलिंग) की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना होगा कि वही व्यक्ति एआई उपकरणों का उपयोग कर चार गुना तक दक्षता प्रदान कर सके।

विजयकुमार ने साथ ही सुझाव दिया कि अत्यधिक निवेश कर बुनियादी ढांचा स्थापित करने वाले ‘हाइपरस्केलर’ को आगे चलकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उनकी आय निवेश को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

मनीषा