(EPFO Investment Rules Changes/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: EPFO Investment Rules Changes इम्प्लॉइज प्रोविडेंड फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) जल्द ही अपने निवेश के तरीके में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अभी तक ईपीएफओ अपनी अतिरिक्त आय का एक हिस्सा हर महीने ETF यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश करता है। यह निवेश उसकी पांच अलग-अलग स्कीमों के जरिए अलग अकाउंट से किया जाता है। लेकिन अब इस प्रक्रिया को आसान और ज्यादा व्यवस्थित करने की योजना है।
नई योजना के तहत ईपीएफओ अपनी पांचों स्कीमों के फंड को एक ही अकाउंट में जमा करेगा। यानी ETF निवेश के लिए एक ‘सिंगल पूल’ बनाया जाएगा। इसके बाद निवेश महीने की बजाय साल में एक बार किया जाएगा। इस बदलाव से रेगुलेटरी नियमों का पालन करना आसान होगा और ऑपरेशनल प्रक्रिया भी सरल बनेगी। इससे लेन-देन से जुड़ी जटिलता भी कम होने की उम्मीद है।
इन प्रस्तावों को 2 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ ETF निवेश के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार करेगा। यह कदम मार्केट रेगुलेटर के नियमों का पालन करने और बड़े ट्रांजैक्शन को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करेगा। गौरतलब है कि ईपीएफओ साल 2015 से अपनी अतिरिक्त आय का 5 से 15 प्रतिशत हिस्सा ETF में निवेश कर रहा है।
मौजूदा व्यवस्था में हर महीने निवेश किया जाता है, लेकिन अब सालाना निवेश की योजना है। इससे मार्केट टाइमिंग का जोखिम कम हो सकता है और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। साथ ही ETF में निवेश के लिए तय समयसीमा लागू करने की भी तैयारी है, ताकि डील स्लिप जारी करने और रिडेम्पशन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
ईपीएफओ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट लिमिटेड (DMEDL) के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के बायबैक ऑफर में भी भाग लेने जा रहा है। इस ऑफर के तहत 1,00,000 रुपये फेस वैल्यू वाले हर बॉन्ड के बदले 1,03,468 रुपये का ऑफर प्राइस मिलेगा। कुल मिलाकर ईपीएफओ अपने निवेश ढांचे को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।