झारखंड सरकार ने 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया,

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झारखंड सरकार ने 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया,

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 01:59 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

रांची, 24 फरवरी (भाषा) झारखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में कृषि गतिविधियों में लगी महिलाओं के लिए एक योजना की घोषणा की गई।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत सरकार ने 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में कहा, ‘‘ मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट रखता हूं।’’

किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग.. गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘अबुआ दिशोम’ (हमारा अपना) बजट झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा और गरीबों के आंसू पोंछेगा… महिला किसानों के लिए ‘महिला खुशहाली योजना’ शुरू की जा रही है। इसके लिए हमने 25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।’’

मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, अगले वित्त वर्ष में 100 नए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध है। इसके अलावा यहां देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर और राजरप्पा मंदिर जैसे धार्मिक स्थल के साथ-साथ नेतरहाट जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी हैं।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की समावेशी वृद्धि और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ विपक्ष द्वारा बाधाएं उत्पन्न किए जाने के बावजूद, हम झुकेंगे नहीं और राज्य के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे।’’

किशोर ने झारखंड को पर्याप्त वित्तीय सहायता न देकर केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया, ‘‘ राज्य को केंद्रीय करों में 5,000 करोड़ रुपये का हिस्सा नहीं मिला… और अनुदान सहायता के रूप में 11,000 करोड़ रुपये भी नहीं मिले। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी धीरे-धीरे घट रही है… वीबी-जी राम जी (अधिनियम) के कारण राज्य को 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।’’

उन्होंने कोयला आपूर्ति के बदले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को ‘‘1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने’’ को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

भाषा निहारिका अजय

अजय