इलेक्ट्रिक परिवहन की तरफ बदलाव टिकाऊ औद्योगिक पारिस्थितिकी के निर्माण से जुड़ाः पर्यावरण मंत्री
इलेक्ट्रिक परिवहन की तरफ बदलाव टिकाऊ औद्योगिक पारिस्थितिकी के निर्माण से जुड़ाः पर्यावरण मंत्री
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक परिवहन की तरफ बदलाव महज दूसरी प्रौद्योगिकी को अपनाने भर का मामला न होकर एक ऐसी टिकाऊ औद्योगिक पारिस्थितिकी के निर्माण से जुड़ा है, जो विनिर्माण को मजबूत करे, हरित रोजगार का सृजन करे और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को समर्थन दे।
यादव ने यहां उद्योग मंडल एसोचैम की तरफ से ‘विकसित भारत के लिए इलेक्ट्रिक परिवहन के गढ़ का निर्माण’ विषय पर आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक परिवहन की दिशा में बदलाव को गति देते समय हरित वृद्धि, लचीले बुनियादी ढांचे, पारदर्शी शासन व्यवस्था और संसाधनों के महत्तम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित रहना चाहिए, ताकि दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, ‘परिवेश’ पोर्टल के माध्यम से अनुमोदन प्रणाली का डिजिटलीकरण करने, अनुपालन प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं, लेकिन पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जिम्मेदार विकास सुनिश्चित करते हुए निवेश में तेजी आई है।
यादव ने उद्योग, नीति-निर्माताओं और संस्थानों से नवाचार आधारित पारिस्थितिकी के विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया, जिससे भारत को स्वच्छ परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को साथ आगे बढ़ना चाहिए। सामूहिक प्रयासों के जरिये भारत टिकाऊ विनिर्माण, हरित परिवहन और जलवायु-सतर्क विकास में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।’’
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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