(Silver Rate Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Silver Rate Today in India बजट के दो दिन बाद भी चांदी के दाम गिरने का सिलसिला जारी है। आज 3 फरवरी को चांदी के भाव में जोरदार गिरावट आई है और यह 20,000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। दिल्ली के बुलियन मार्केट में एक किलोग्राम चांदी की कीमत अब 2,80,000 रुपये पर आ गई है। पिछले हफ्ते की शुरुआत में चांदी के भाव 4,10,000 रुपये से भी ऊपर पहुंच गया था, लेकिन आज के रेट के हिसाब से पिछले 10 दिनों में चांदी के दाम 1,30,000 रुपये प्रति किलो तक गिर चुके हैं।
जहां घरेलू बाजार में चांदी सस्ती हुई, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति अलग रही। 3 फरवरी को कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 83.79 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो पिछले बंद भाव से करीब 8.8% अधिक है। इस उछाल से संकेत मिलता है कि ग्लोबल मार्केट में गिरावट के बाद खरीदारी लौट सकती है। लेकिन घरेलू स्तर पर MCX पर चांदी के फ्यूचर्स मंगलवार को 2,32,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुए, जो पिछले बंद भाव से लगभग 1.6% कम था। मजबूत डॉलर और मुनाफावसूली की वजह से घरेलू बाजार पर दबाव बना रहा।
| वजन | आज का भाव (₹) | कल का भाव (₹) | बदलाव (₹) |
| 1 ग्राम | ₹280 | ₹300 | -₹20 |
| 8 ग्राम | ₹2,240 | ₹2,400 | -₹160 |
| 10 ग्राम | ₹2,800 | ₹3,000 | -₹200 |
| 100 ग्राम | ₹28,000 | ₹30,000 | -₹2,000 |
| 1000 ग्राम | ₹2,80,000 | ₹3,00,000 | -₹20,000 |
हाल के दिनों में चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जनवरी की बैठक में ब्याज दरों को 3.5-3.75% पर स्थिर रखा। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को फेड का अगला चेयरमैन नामित किया है। वॉर्श के कड़े रुख की संभावना से डॉलर मजबूत हुआ, जिससे चांदी जैसी कीमती धातु पर दबाव बढ़ गया है।
| शहर | 1 किलोग्राम चांदी का भाव (₹) |
| दिल्ली | ₹2,80,000 |
| मुंबई | ₹2,80,000 |
| अहमदाबाद | ₹2,80,000 |
| चेन्नई | ₹2,80,000 |
| कोलकाता | ₹2,80,000 |
| हैदराबाद | ₹2,80,000 |
| जयपुर | ₹2,80,000 |
| भोपाल | ₹2,80,000 |
| लखनऊ | ₹2,80,000 |
| चंडीगढ़ | ₹2,80,000 |
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती से चांदी पर दबाव बढ़ता है क्योंकि डॉलर मजबूत होने पर कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं। वहीं, ट्रंप के ईरान से संभावित समझौते वाले बयान से जियो-पॉलिटिकल तनाव थोड़ी कम हुआ, जिससे कच्चे तेल (WTI) पर दबाव आया। तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी चांदी पर दिखा, क्योंकि कई बार कीमती धातुओं की कीमतें ऊर्जा बाजार से भी प्रभावित होती हैं।
| दिनांक | 10 ग्राम (₹) | 100 ग्राम (₹) | 1 किलो (₹) |
| फ़रवरी 03, 2026 | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 (-20,000) |
| फ़रवरी 02, 2026 | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 (-50,000) |
| फ़रवरी 01, 2026 | ₹3,500 | ₹35,000 | ₹3,50,000 (0) |
| जनवरी 31, 2026 | ₹3,500 | ₹35,000 | ₹3,50,000 (-45,000) |
| जनवरी 30, 2026 | ₹3,950 | ₹39,500 | ₹3,95,000 (-15,000) |
| जनवरी 29, 2026 | ₹4,100 | ₹41,000 | ₹4,10,000 (+30,000) |
| जनवरी 28, 2026 | ₹3,800 | ₹38,000 | ₹3,80,000 (+10,000) |
| जनवरी 27, 2026 | ₹3,700 | ₹37,000 | ₹3,70,000 (+10,000) |
| जनवरी 26, 2026 | ₹3,600 | ₹36,000 | ₹3,60,000 (+25,000) |
| जनवरी 25, 2026 | ₹3,350 | ₹33,500 | ₹3,35,000 (0) |
विशेषज्ञों के अनुसार आगे की दिशा तय करने में कुछ प्रमुख फैक्टर्स महत्वपूर्ण होंगे, जिनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की पॉलिसी मीटिंग, अमेरिका के जॉब्स डेटा, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI डेटा है। इन संकेतकों से डॉलर, ब्याज दरों और सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लेकिन लंबे समय में रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और इंडस्ट्रियल डिमांड जैसी वजहों से चांदी को समर्थन मिलने की संभावना बनी हुई है। इसलिए निवेशकों के लिए जल्दबाजी करने की बजाय धैर्य से बाजार को देखना और कीमतों पर नजर बनाए रखना बेहतर रणनीति मानी जा रही है।