सीतारमण, नायडू ने एक लाख से अधिक लाभार्थियों को 3,216 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए
सीतारमण, नायडू ने एक लाख से अधिक लाभार्थियों को 3,216 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए
(तस्वीर के साथ)
पलनाडु (आंध्र प्रदेश), 17 जुलाई (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को पलनाडु जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ऋण पहुंच कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों को 3,216 करोड़ रुपये के कर्ज वितरित किए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण एवं विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), उद्यमियों, उद्योगपतियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को शामिल करने वाली यह ऋण पहुंच पहल संस्थागत ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगी।
नायडू ने कहा, ‘‘ पहले लोगों को ऋण के लिए बैंकों के पास जाना पड़ता था। आज बैंक खुद लोगों तक पहुंचकर उन्हें ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए 2,363 करोड़ रुपये, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 325 करोड़ रुपये और आवास, शिक्षा, वाहन तथा सौर ऊर्जा के लिए 624 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए गए।
नायडू ने कहा कि संस्थागत ऋण किसानों के भविष्य, युवाओं की आकांक्षाओं, महिलाओं के सशक्तीकरण और उद्यमियों के निवेश की नींव हैं। साथ ही ये लोगों को ऊंची ब्याज दर वसूलने वाले साहूकारों के कर्ज के जाल में फंसने से भी बचाते हैं।
मुख्यमंत्री ने सीतारमण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) से सख्ती से निपटा और डिजिटल बैंकिंग में क्रांति लाई जबकि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों के युक्तिकरण से सरकार के राजस्व में वृद्धि हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने अमरावती, पोलावरम परियोजना और विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई। इससे राज्य को 2019 से 2024 के बीच पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार से विरासत में मिली वित्तीय कठिनाइयों से उबरने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि राज्य को वीबी-जी राम जी पहल के तहत केंद्र सरकार से 7,707 करोड़ रुपये मिलेंगे और रायलसीमा को बागवानी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे जिससे निजी निवेश भी आकर्षित होगा।
नायडू ने कहा कि राज्य ने केंद्र के सहयोग से पिछली सरकार से विरासत में मिले ऊंची ब्याज दर वाले ऋणों का पुनर्निर्धारण किया जिससे 1,538 करोड़ रुपये की बचत हुई।
उन्होंने सीतारमण को महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के 10 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास (डीडब्ल्यूसीआरए) समूहों ने 29,000 करोड़ रुपये की बचत की है और उनके ऋण चुकाने की दर 99.5 प्रतिशत रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘एक परिवार, एक उद्यमी’ पहल शुरू की है। साथ ही 2047 तक आंध्र प्रदेश को स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल समाज में बदलने के अपने दृष्टिकोण को दोहराया।
एक अलग कार्यक्रम में नायडू और सीतारमण ने यूनियन बैंक की कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई तथा छात्राओं को साइकिल वितरित की।
इससे पहले यहां आगमन पर सीतारमण का मुख्यमंत्री आवास पर नायडू और राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने स्वागत किया।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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