पाकिस्तान, चीन के विदेश मंत्रियों ने शंघाई में एआई, व्यापार एवं निवेश संबंधों पर की चर्चा

पाकिस्तान, चीन के विदेश मंत्रियों ने शंघाई में एआई, व्यापार एवं निवेश संबंधों पर की चर्चा

पाकिस्तान, चीन के विदेश मंत्रियों ने शंघाई में एआई, व्यापार एवं निवेश संबंधों पर की चर्चा
Modified Date: July 17, 2026 / 03:45 pm IST
Published Date: July 17, 2026 3:45 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 17 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ शुक्रवार को व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने शंघाई में आयोजित विश्व कृत्रिम मेधा सम्मेलन के दौरान अलग से मुलाकात की।

रेडियो पाकिस्तान की खबर के अनुसार, दोनों नेताओं ने ‘‘ पाकिस्तान-चीन द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक आयामों की समीक्षा की और सभी परिस्थितियों में रणनीतिक सहयोगी साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।’’

खबर के अनुसार, दोनों ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) के दूसरे चरण (सीपेक 2.0) को आगे बढ़ाने तथा व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा पारस्परिक हित के मुद्दों पर समन्वय बनाए रखने के अपने संकल्प की पुनर्पुष्टि की।

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री का पद भी संभाल रहे डार ने शंघाई में विश्व कृत्रिम मेधा सहयोग संगठन (डब्ल्यूएआईसीओ) की स्थापना संबंधी समझौते पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, ‘‘ पाकिस्तान वैश्विक एआई असमानता को कम करने और विकास के लिए सभी की एआई तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों में डब्ल्यूएआईसीओ के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है।’’

चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, लाओस और इंडोनेशिया समेत 29 देशों ने डब्ल्यूएआईसीओ की स्थापना के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, शंघाई मुख्यालय वाला यह एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी संगठन होगा, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों का पालन करेगा, साझा लाभ के लिए परामर्श और संयुक्त योगदान के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा तथा जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश ने विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ के दृष्टिकोण से कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

भाषा निहारिका रमण

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