कोलंबो बंदरगाह में अडाणी समूह के निवेश के विरोध में बने हुए हैं श्रीलंका के श्रमिक संघ

कोलंबो बंदरगाह में अडाणी समूह के निवेश के विरोध में बने हुए हैं श्रीलंका के श्रमिक संघ

कोलंबो बंदरगाह में अडाणी समूह के निवेश के विरोध में बने हुए हैं श्रीलंका के श्रमिक संघ
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: January 14, 2021 4:58 pm IST

कोलंबो, 14 जनवरी (भाषा) श्रीलंका बंदरगाह श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे अभी भी कोलंबो बंदरगाह के ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल(ईटसी) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के अडाणी समूह के प्रस्ताव से आश्वस्त नहीं हैं।

यह टिप्पणी श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के द्वारा मिलकर विदेशी पूंजी की जरूरत समझाने के एक दिन बाद आयी है।

एक ट्रेड यूनियन नेता निरोशन गोराकनगे ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति के साथ बातचीत असफल रही। उन्होंने कहा, ‘‘ईटसी अंतिम सांसे ले रहा है। हमने सब खो दिया है। अब हमारा लक्ष्य है कि ईटसी का 100 प्रतिशत परिचालन श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण के पास बनाये रखना है।’’

राष्ट्रपति राजपक्षे ने बुधवार को राष्ट्रपति सचिवालय में 23 कोलंबो बंदरगाह ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने समझौते पर फिर से बातचीत की है। इसके तहत ईटसी की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी श्रीलंका के पास रहेगी और इसके परिचालन का प्रबंधन श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण के पास रहेगा।

यूनियन नेता शामल सुमनरत्ने ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति ने अडाणी समूह के निवेश के पीछे की भू-राजनीतिक वजहें बतायीं।

भाषा सुमन मनोहर

मनोहर


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