‘स्टार्टअप इंडिया’ एक क्रांति, अब विनिर्माण पर ध्यान देने का समय: प्रधानमंत्री मोदी

‘स्टार्टअप इंडिया’ एक क्रांति, अब विनिर्माण पर ध्यान देने का समय: प्रधानमंत्री मोदी

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 02:47 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 02:47 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत के युवा एवं उद्यमी वास्तविक समस्याओं को हल करने पर ध्यान दे रहे हैं और ‘स्टार्टअप इंडिया मिशन’ एक क्रांति बन गया है।

‘स्टार्टअप इंडिया’ के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मोदी ने कहा, ‘‘अब हमारे स्टार्टअप के लिए विनिर्माण पर अधिक ध्यान देने का समय है। नए विचारों पर काम करें और समस्याओं का समाधान करें, हमें गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने होंगे।’’

उन्होंने कहा कि 2014 में चार स्टार्टअप के साथ शुरू हुआ यह क्षेत्र बढ़कर 125 से अधिक सक्रिय ‘यूनिकॉर्न’ कंपनियों तक पहुंच गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है जहां स्टार्टअप की संख्या अब दो लाख से अधिक हो गई है।

मोदी ने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ की रफ्तार तेज हो रही है। ‘यूनिकॉर्न’ (एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) कंपनियां आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ला रही हैं और रोजगार सृजित कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवा वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और ‘स्टार्टअप इंडिया’ मिशन एक क्रांति बन गया है। मझोले एवं छोटे शहरों तथा यहां तक ​​कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी अपने स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज 45 प्रतिशत स्टार्टअप में महिला निदेशक या भागीदार हैं।

मोदी ने कहा कि जोखिम लेने की प्रवृत्ति जिसे पहले हतोत्साहित किया जाता था वह अब आम बात बन गई है।

प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप संस्थापकों के आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षाओं की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा, ‘‘ जोखिम भरे वे विचार जिन्हें पहले महत्व नहीं दिया जाता था वे अब आम बात हैं। ’’

भाषा निहारिका रमण

रमण