डिजिटल कृषि मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में तेजी लाएं राज्य: शिवराज चौहान

डिजिटल कृषि मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में तेजी लाएं राज्य: शिवराज चौहान

डिजिटल कृषि मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में तेजी लाएं राज्य: शिवराज चौहान
Modified Date: August 22, 2026 / 09:03 pm IST
Published Date: August 22, 2026 9:03 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को राज्यों से डिजिटल कृषि मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ केवल सरकारी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह ‘‘खेतों और किसानों की जेब तक दिखाई देना चाहिए।’’

पूसा में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में चौहान ने कहा कि जिन राज्यों ने योजनाओं को गंभीरता से लागू किया है, उन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्यों को 100 प्रतिशत से अधिक हासिल किया है, जबकि कुछ राज्य पीछे रह गए हैं। उन्होंने सभी राज्यों से तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि किसान आईडी एक महत्वपूर्ण पारदर्शिता उपाय है, जिसके माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाता है।

उन्होंने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसान आईडी बनाने तथा इसके लिए शिविर आयोजित करने के लिए पहले ही धन जारी कर चुकी है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि एक महीने में किसान आईडी बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब शिविरों के लिए जारी धन का अन्य कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जाए।

सम्मेलन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 10.41 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। ये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के 84.68 प्रतिशत लाभार्थियों और करीब 77 प्रतिशत कृषि भूमि को कवर करती हैं।

चौहान ने डिजिटल भूमि रिकॉर्ड के संबंध में नक्शों के एकीकरण और आंकड़ों के सत्यापन को मिशन की ‘‘रीढ़’’ बताया।

कृषि मंत्रालय ने बताया कि गांवों के नक्शों का भू-संदर्भीकरण 5.9 लाख गांवों में पूरा हो चुका है, जो चिन्हित गांवों का 93.05 प्रतिशत है।

डिजिटल फसल सर्वेक्षण का दायरा वर्ष 2024-25 में 290 जिलों में था जो रबी सत्र 2025-26 तक बढ़ाकर 650 जिला कर दिया गया है। इसे खरीफ सत्र 2026-27 तक 692 जिला पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

चौहान ने दलहन क्षेत्र में कहा कि पिछले वर्ष कुछ क्षेत्रों में बढ़े रकबे और उत्पादन को पूरे देश में दोहराने की जरूरत है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रसंस्करण, भंडारण और बाजार से जुड़ी सुविधाएं भी जरूरी हैं।

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय


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