बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य : अधिकारी

बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य : अधिकारी

बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य : अधिकारी
Modified Date: April 7, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: April 7, 2026 8:33 pm IST

पटना, सात अप्रैल (भाषा) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और भारत पेट्रोलियम के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और लोगों से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों (ओएमसी) ने केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से मजबूत आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखी है।

आईओसीएल के बिहार राज्य कार्यालय के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख ए.के. समंतराय ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद हमने राज्य और केंद्र सरकार की मदद से अपनी आपूर्ति व्यवस्था मजबूत रखी है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।”

इस मौके पर मौजूद बिहार के कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि राज्य के हर जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है।

उन्होंने कहा, “सात अप्रैल तक यूरिया का भंडार 2.86 लाख टन, डीएपी 1.45 लाख टन, एनपीके 2.14 लाख टन और एसएसपी 1.02 लाख टन है।”

भारत पेट्रोलियम के (एलपीजी) बिहार झारखंड प्रमुख अमित मित्तल ने बताया कि राज्य सरकार ने छात्रों और श्रमिकों के लिए पांच किलोग्राम के सिलेंडर के वितरण की भी व्यवस्था की है।

समंतराय ने कहा, “वर्तमान में राज्य में कुल 3,697 रिटेल आउटलेट संचालित हो रहे हैं, जिनमें 3,590 पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) के और 107 निजी क्षेत्र के हैं। औसतन प्रतिदिन 4,554 किलोलीटर पेट्रोल और 9,121 किलोलीटर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।”

समंतराय ने बताया कि राज्य में 2,028 वितरकों और 15 बॉटलिंग संयंत्रों (नौ ओएमसी और छह निजी) के माध्यम से लगभग 2.33 करोड़ उपभोक्ताओं को एलपीजी सेवा दी जा रही है।

उन्होंने कहा, “औसतन प्रतिदिन 3.8 लाख रिफिल की आपूर्ति की जा रही है और लगभग 4.5 दिन का बैकलॉग है। इस बैकलॉग को निर्धारित बुकिंग सूची के अनुसार निपटाया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को 70 प्रतिशत पर बनाए रखा गया है और अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, रक्षा प्रतिष्ठानों, रेलवे, सरकारी संस्थानों, होटल, रेस्तरां, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

समंतराय ने कहा कि जमाखोरी पर नियंत्रण के लिए पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत से बिहार सरकार ने 25,388 निरीक्षण किए हैं। इस दौरान 2,085 सिलेंडर जब्त किए गए, 119 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

वहीं, सौरभ सुमन बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और ऊंचे दामों पर बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग की ओर से जिलों में उड़नदस्ते भेजे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेपाल से सटी सीमा पर उर्वरकों की तस्करी रोकने के लिए संबंधित जिलों द्वारा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के समन्वय से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में कालाबाजारी और जमाखोरी के आरोप में 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 462 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए।

उन्होंने कहा, “इस वर्ष अब तक 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और 15 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। जिन 92 विक्रेताओं में अनियमितता पाई गई है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।”

भाषा कैलाश रंजन अजय

अजय


लेखक के बारे में