उच्चतम न्यायालय ने निम्मागड्डा प्रसाद को 125 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया
उच्चतम न्यायालय ने निम्मागड्डा प्रसाद को 125 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने हैदराबाद के उद्योगपति निम्मागड्डा प्रसाद को 125 करोड़ रुपये नकद सुरक्षा राशि के रूप में जमा करने और तेलंगाना में स्थित 37 एकड़ भूमि के मूल स्वामित्व दस्तावेज अदालत की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है।
यह मामला वर्ष 2008 की ‘वैनपिक परियोजना’ से जुड़ा है, जो आंध्र प्रदेश में बंदरगाह और हवाई अड्डा विकसित करने के लिए प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम था।
यह कार्यवाही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की निवेश इकाई ‘रास अल खेमाह निवेश प्राधिकरण’ (आरएकेआईए) के पक्ष में आए यूएई दिवानी अदालत के फैसले को भारत में लागू कराने से संबंधित है। आरएकेआईए ने मैट्रिक्स फार्माकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड और प्रसाद के खिलाफ आए फैसले को लागू कराने की अपील की है।
शीर्ष अदालत की पीठ ने 12 फरवरी को याचिका पर सुनवाई के लिए प्रसाद को 600 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि जमा करने को कहा था।
बुधवार को उच्चतम न्यायालय ने इस आदेश के अनुपालन में प्रसाद की तरफ से दायर हलफनामे पर विचार किया।
प्रसाद ने अपने हलफनामे में 212 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर और संपत्तियां, 125 करोड़ रुपये नकद और मेडचल-मलकाजगिरि जिले के देवरायमजल गांव में 37 एकड़ भूमि (कथित मूल्य 408 करोड़ रुपये) सुरक्षा के रूप में देने का प्रस्ताव रखा।
पीठ ने वाणिज्यिक अदालतों द्वारा पहले से कुर्क किए गए शेयर और संपत्तियों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, लेकिन वैकल्पिक प्रस्ताव देने के लिए समय दे दिया। वहीं, 37 एकड़ भूमि के संबंध में अदालत ने निर्देश दिया कि इस जमीन के मूल स्वामित्व दस्तावेज उसकी रजिस्ट्री में जमा किए जाएं।
शीर्ष अदालत ने 125 करोड़ रुपये की नकद राशि एक सप्ताह में जमा करने के आश्वासन पर कहा कि यह राशि उच्चतम न्यायालय स्थित यूको बैंक में उच्च ब्याज दर वाली सावधि जमा (एफडीआर) में छह माह के लिए रखी जाए जिसमें स्वत: नवीनीकरण की सुविधा हो।
मामला को आगे की सुनवाई के लिए 11 मार्च को सूचीबद्ध किया गया है।
आरएकेआईए करीब 543 करोड़ रुपये मूल राशि और ब्याज सहित लगभग 643 करोड़ रुपये की वसूली के लिए यूएई की अदालत का फैसला लागू कराने की मांग कर रही है। मामला कथित तौर पर 2008 की वैनपिक परियोजना में 12 करोड़ अमेरिकी डॉलर के दुरुपयोग से जुड़ा है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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