Fake Central Officers Arrested: सेन्ट्रल अफसर बनकर बेधड़क घुसते थे सरकारी दफ्तरों में.. फिर शुरू होता था वसूली का खेल, पढ़कर चौंक जायेंगे आप भी

Fake Central Officers Arrested Karnataka: बनशंकरी में फर्जी केंद्रीय अधिकारी बन 5 लाख वसूली करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार।

Fake Central Officers Arrested: सेन्ट्रल अफसर बनकर बेधड़क घुसते थे सरकारी दफ्तरों में.. फिर शुरू होता था वसूली का खेल, पढ़कर चौंक जायेंगे आप भी

Fake Central Officers Arrested Karnataka || Image- Hate Detactor File

Modified Date: February 26, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: February 26, 2026 6:45 pm IST
HIGHLIGHTS
  • फर्जी जीएसटी अफसर बनकर वसूली
  • पांच लाख रुपये की उगाही
  • दो आरोपी गिरफ्तार, नकदी बरामद

बेंगलुरु: कर्नाटक के बनशंकरी में पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामला का खुलसा करते हुये दो लोगों को गिरफ्तार किया है। (Fake Central Officers Arrested Karnataka) दोनों पर ही फर्जी तरीके से खुद को अफसर बताने और फिर लाखो रुपये वसूलने के आरोप है। रकम नहीं देने पर आरोपी, पीड़ितों को रेड एक्शन की कार्रवाई का डर दिखाते थे।

आउटसोर्स हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत

दरअसल बनशंकरी पुलिस ने केंद्रीय सरकार के अधिकारी बनकर 5 लाख रुपये की उगाही करने के आरोप में दो हाउसकीपिंग कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागराजू पी (37) और दादापीर बल्लारी (35) के रूप में हुई है। दोनों सेन्ट्रल टेक्स के प्रमुख आयुक्त कार्यालय में आउटसोर्स हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर काम करते थे।

पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को सुबह करीब 11:30 बजे विभाग के सतर्कता अधिकारियों ने विशेष सूचना के आधार पर कार्यालय परिसर में स्थित उनके कमरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बल्लारी के पास से 1 लाख रुपये नकद और नागराजू के पास से 1.50 लाख रुपये बरामद किए गए। आगे की जांच में “भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग, प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ सेंट्रल टैक्स (जीएसटी), बेंगलुरु वेस्ट कमिश्नरेट” के नाम से जारी तीन फर्जी पहचान पत्र जब्त किए गए। (Fake Central Officers Arrested Karnataka) इन कार्डों पर “इंटेलिजेंस ऑफिसर” और “सिपाही” जैसे पदनाम दर्ज थे। इसके अलावा छह फर्जी सर्च वारंट की प्रतियां भी बरामद की गईं।

गुटखा कारोबारी से वसूले थे पांच लाख रुपये

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि 10 जनवरी को उन्होंने जीएसटी अधिकारी बनकर पीन्या क्षेत्र के एक गुटखा कारोबारी को कार्रवाई की धमकी देकर 5 लाख रुपये वसूले थे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। छह दिन की पुलिस हिरासत के बाद उन्हें बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दक्षिण डिवीजन के पुलिस उपायुक्त लोकेश बी. जगलसर ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

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