सुजलॉन को सनश्योर एनर्जी से 105 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना का मिला ठेका

सुजलॉन को सनश्योर एनर्जी से 105 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना का मिला ठेका

सुजलॉन को सनश्योर एनर्जी से 105 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना का मिला ठेका
Modified Date: June 30, 2026 / 11:42 am IST
Published Date: June 30, 2026 11:42 am IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी सुजलॉन को सनश्योर एनर्जी से 105 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना का ठेका मिला है।

कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि यह एस175 टर्बाइन के लिए पहला वाणिज्यिक ठेका है। एस175, भारत का सबसे ऊंचा और सबसे शक्तिशाली पवन टर्बाइन है।

कंपनी ने हालांकि, इस ऑर्डर का वित्तीय ब्योरा नहीं दिया।

बयान में कहा गया कि एस175 (5.0 मेगावाट) टर्बाइन पेश किए जाने के महज दो सप्ताह के भीतर सुजलॉन को सनश्योर एनर्जी से अगली पीढ़ी के इस टर्बाइन के लिए 105 मेगावाट की पहली परियोजना का ठेका मिला है।

सुजलॉन को पिछले 14 महीने से भी कम समय में सनश्योर से यह तीसरा ठेका मिला है जिससे दोनों कंपनियों के बीच कुल साझेदारी 400.8 मेगावाट तक पहुंच गई है।

इस परियोजना के तहत कर्नाटक के बीजापुर में अगली पीढ़ी के 21 एस175 पवन टर्बाइन जनरेटर (डब्ल्यूटीजी) की आपूर्ति, स्थापना, चालू करना तथा रखरखाव किया जाएगा।

सुजलॉन समूह के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने कहा कि सनश्योर ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में अपनी यात्रा सुजलॉन के साथ शुरू की थी और अब वह भारत की सबसे बड़ी तथा तेजी से बढ़ती वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सीएंडआई) केंद्रित नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक बन गई है।

भाषा निहारिका

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