तमिलनाडु कृषि बजट: किसानों को त्वरित सहायता देने के लिए एआई, मशीन लर्निंग का सहारा लेगी सरकार

तमिलनाडु कृषि बजट: किसानों को त्वरित सहायता देने के लिए एआई, मशीन लर्निंग का सहारा लेगी सरकार

तमिलनाडु कृषि बजट: किसानों को त्वरित सहायता देने के लिए एआई, मशीन लर्निंग का सहारा लेगी सरकार
Modified Date: August 6, 2026 / 01:35 pm IST
Published Date: August 6, 2026 1:35 pm IST

चेन्नई, छह अगस्त (भाषा) तमिलनाडु सरकार ने बृहस्पतिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के कृषि बजट में कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित विशेष पहल ‘उझावर एआई योजना’ शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य राज्य के किसानों को वास्तविक समय में आंकड़ा आधारित सलाह उपलब्ध कराना है।

विधानसभा में कृषि बजट पेश करते हुए तमिलनाडु के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने बताया कि इस योजना के लिए राज्य निधि से दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस पहल के तहत कृषि विस्तार सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा।

नई पहल के तहत किसानों को मोबाइल के माध्यम से बुआई से लेकर कटाई तक पूरी फसल अवधि के लिए तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें स्थानीय मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी के स्वास्थ्य एवं उर्वरता प्रबंधन, कीट एवं रोगों के प्रकोप की चेतावनी तथा क्षेत्र की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसल संबंधी सुझाव शामिल होंगे।

ग्रामीण किसानों तक जानकारी की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार ‘वॉयस-फर्स्ट कृषि सेवाएं’ शुरू करेगी। इसके माध्यम से किसान मोबाइल फोन पर आवाज के जरिये कृषि संबंधी सलाह, वास्तविक समय में बाजार की जानकारी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का विवरण प्राप्त कर सकेंगे।

बजट दस्तावेजों में कृषि क्षेत्र के डिजिटल विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि तमिलनाडु की कृषि पारंपरिक निर्वाह खेती से आगे बढ़कर किसान समृद्धि पर केंद्रित एक प्रौद्योगिकी-संचालित, विज्ञान-आधारित मॉडल में बदल गई है। एआई का यह एकीकरण 2021 में शुरू किए गए ‘उझावर’ मोबाइल ऐप जैसे पिछले डिजिटल प्रयासों की नींव पर आधारित है, जिसने राज्य के कृषि क्षेत्र में डेटा-आधारित प्रबंधन की शुरुआत की थी।

भाषा योगेश

योगेश


लेखक के बारे में