टाटा मोटर्स पीवी को घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी जल्द 15 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद : एमडी

टाटा मोटर्स पीवी को घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी जल्द 15 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद : एमडी

टाटा मोटर्स पीवी को घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी जल्द 15 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद : एमडी
Modified Date: September 27, 2026 / 11:01 am IST
Published Date: September 27, 2026 11:01 am IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी ‘जल्द’ 15 प्रतिशत के पार पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के अपने पहले से घोषित लक्ष्य को भी बरकरार रखा है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश चंद्रा ने कहा कि यात्री वाहन कारोबार पिछले साल एक अक्टूबर से एकल इकाई के रूप में कारोबार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस एक साल की अवधि में यात्री वाहन कारोबार करीब 40 प्रतिशत बढ़ा है। सितंबर के अंत तक कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहन की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है।

चंद्रा ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य दोहरे अंक में वृद्धि हासिल करने के साथ-साथ टिकाऊ और शून्य-उत्सर्जन वाले पावरट्रेन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए कंपनी नए वाहन खंड में प्रवेश करने, मौजूदा उत्पादों में तेजी से बदलाव करने और ग्राहकों के लिए नए विकल्प पेश करने पर जोर देगी।

उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के दौरान कंपनी ने कई नए मॉडल और बदलाव के साथ पुराने मॉडल पेश किए हैं। सितंबर में एक साल पूरा होने तक कंपनी की बिक्री करीब 7.5 लाख वाहन तक पहुंचने की उम्मीद है।

चंद्रा के अनुसार, कंपनी पहले ही 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के काफी करीब पहुंच चुकी है और यह स्तर जल्द हासिल हो सकता है। इसके बाद अगले पांच साल में कंपनी की नजर अतिरिक्त पांच प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने पर होगी।

टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2030-31 तक सालाना 12 लाख वाहन की बिक्री और 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य तय किया है। चंद्रा ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी को तेज और अधिक चुस्त तरीके से काम करना होगा।

बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कंपनी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है। पहला, ऐसे वाहन खंड में प्रवेश करना जहां वह फिलहाल मौजूद नहीं है। दूसरा, बदलती आय और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप नए मूल्य वर्गों में उत्पाद पेश करना। तीसरा, इलेक्ट्रिक और सीएनजी जैसे तेजी से बढ़ते पावरट्रेन पर जोर देना।

चंद्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक और सीएनजी दोनों क्षेत्रों में टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी उसके समग्र यात्री वाहन बाजार हिस्से से अधिक है। उन्होंने संकेत दिया कि कंपनी भविष्य में बहु उद्देश्यीय वाहन (एमपीवी) और कुछ नए ‘लाइफस्टाइल’ एसयूवी खंड में भी प्रवेश कर सकती है।

टाटा मोटर्स ने अपने वाणिज्यिक और यात्री वाहन कारोबार को अलग करते हुए एक अक्टूबर, 2025 से दो स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में पुनर्गठित किया था।

भाषा अजय अजय

अजय


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