नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने पोर्श एजी की अनुषंगी एमएचपी मैनेजमेंट- एंड आईटी-बेराटुंग जीएमबीएच (एमएचपी) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी 32 करोड़ यूरो (करीब 3,574 करोड़ रुपये) के उद्यम मूल्य पर खरीदने की घोषणा की है।
यह अधिग्रहण टीसीएस और जर्मनी की स्पोर्ट्स कार कंपनी के बीच 1.25 अरब यूरो मूल्य की पांच साल की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है।
टीसीएस ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि यह अधिग्रहण उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज नीदरलैंड बी वी के जरिये किया जाएगा।
टीसीएस ने कहा, ‘‘कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज नीदरलैंड बी वी के निदेशक मंडल ने आज हुई बैठक में पोर्श एजी (पोर्श) की अनुषंगी एमएचपी मैनेजमेंट- एंड आईटी-बेराटुंग जीएमबीएच (एमएचपी) के 100 प्रतिशत शेयर 32 करोड़ यूरो के उद्यम मूल्य पर खरीदने को मंजूरी दी।’’
इस लेनदेन के अगले तीन से चार महीने में पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए यूरोपीय आयोग और जर्मनी तथा रोमानिया के संबंधित प्राधिकरणों से नियामकीय मंजूरी लेनी होगी।
साझेदारी के तहत टीसीएस पोर्श के लिए एक समर्पित ‘एआई मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ (सीओई) स्थापित करेगी।
टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने कहा, ‘‘कृत्रिम मेधा (एआई), सॉफ्टवेयर और डेटा जिस तरह वाहन उद्योग को नया रूप दे रहे हैं, यह साझेदारी टीसीएस की एआई, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और कारोबारी बदलाव की क्षमताओं को एमएचपी की मजबूत वाहन क्षेत्र परामर्श विशेषज्ञता के साथ जोड़ती है। साथ मिलकर हम पोर्श के लिए बड़े पैमाने पर एआई को लागू करेंगे और पूरी मूल्य श्रृंखला में नवाचार को गति देंगे, ताकि भविष्य के लिए बुद्धिमान, सॉफ्टवेयर-आधारित परिवहन अनुभव उपलब्ध कराए जा सकें।’’
जर्मनी के लुडविग्सबर्ग मुख्यालय वाली एमएचपी प्रबंधन एवं आईटी परामर्श कंपनी है। यह वाहन और विनिर्माण, वैमानिकी, रक्षा तथा ऊर्जा क्षेत्रों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र में सेवाएं देती है। कंपनी में करीब 4,500 कर्मचारी हैं और उसने 2025 कैलेंडर वर्ष में 74.2 करोड़ यूरो का कारोबार दर्ज किया था।
पोर्श एजी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी माइकल एल. ने कहा, ‘‘पोर्श की वाहन क्षेत्र की विशेषज्ञता को टीसीएस की डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा एआई क्षमताओं के साथ जोड़कर हम अपनी नवाचार क्षमता को और मजबूत करेंगे। साथ ही दक्षता बढ़ाएंगे और डेटा एवं सॉफ्टवेयर पर तेजी से निर्भर होती परिवहन की दुनिया में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएंगे।’’
भाषा निहारिका अजय
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