चाय उद्योग निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आरओडीटीईपी दरों में चाहता है वृद्धि

चाय उद्योग निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आरओडीटीईपी दरों में चाहता है वृद्धि

चाय उद्योग निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आरओडीटीईपी दरों में चाहता है वृद्धि
Modified Date: July 20, 2024 / 01:42 pm IST
Published Date: July 20, 2024 1:42 pm IST

कोलकाता, 20 जुलाई (भाषा) चाय उद्योग ने विदेशी बाजारों में निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आरओडीटीईपी योजना के तहत दरों में वृद्धि की मांग की है।

अग्रणी उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (आईटीए) ने बजट पूर्व अपने ज्ञापन में कहा कि थोक चाय के लिए वर्तमान आरओडीटीईपी दर 1.7 प्रतिशत (फ्री ऑन बोर्ड) है, जिसकी अधिकतम सीमा 6.70 रुपये प्रति किलोग्राम है।

एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए थोक में काली चाय के लिए निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) के तहत प्रोत्साहन आधारित दर को बढ़ाए।

आरओडीटीईपी योजना सुनिश्चित करती है कि निर्यातकों को उन करों और शुल्कों पर रिफंड मिले जो पहले वसूल नहीं किए जा सकते थे।

एक अन्य उद्योग संगठन भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने सरकार को बजट पूर्व सौंपे अपने प्रस्ताव में कहा कि चाय के लिए आरओडीटीईपी दर पूर्व की पांच प्रतिशत की एमईआईएस (वाणिज्य निर्यात प्रोत्साहन योजना) से अधिक होनी चाहिए, ताकि भारतीय चाय वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बरकरार रख सके।

इसी साल मार्च में एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जनवरी, 2021 में शुरुआत के बाद से आरओडीटीईपी योजना 42,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर चुकी है।

भाषा अनुराग पाण्डेय

पाण्डेय


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