(वरुण झा)
दावोस, 18 जनवरी (भाषा) स्विट्जरलैंड के दावोस में जिस जगह कभी प्रतिष्ठित ‘पियानो बार’ हुआ करता था, वहां से अब ‘टीम इंडिया’ का एक स्पष्ट संदेश इस बर्फीले रिसॉर्ट शहर की गलियों में गूंज रहा है कि ‘भारत के साथ साझेदारी करें और भविष्य से जुड़ें’।
दावोस के मुख्य मार्ग पर स्थित ‘इंडिया पवेलियन’ के इस मूल संदेश को वहां मौजूद विभिन्न राज्यों के पवेलियन और उद्योग जगत के भागीदार भी पूरी मजबूती के साथ दोहरा रहे हैं।
शीर्ष उद्योग मंडल सीआईआई ने भी अपने पवेलियन में कुछ ऐसा ही संदेश दिया है: ‘भारतीय उद्योग जगत के भागीदार बनें और एक भरोसेमंद भविष्य का हिस्सा बनें’।
सोमवार से विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की यहां शुरू होने वाली पांच-दिवसीय बैठक के लिए शहर पूरी तरह तैयार है। भारत की कई दिग्गज आईटी कंपनियों ने भी अपने पवेलियन और लाउंज सजाए हैं, जिनका साझा विषय कृत्रिम मेधा (एआई) रखा गया है। इन कंपनियों द्वारा लगाए गए चाय और कॉफी स्टाल के अलावा, यहां एक विशेष ‘एआई लाउंज’ भी बनाया गया है।
प्रोमेनेड मार्ग के दोनों तरफ विप्रो और टीसीएस कंपनियों के लाउंज एक-दूसरे के सामने हैं, जबकि इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा भी उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं। विप्रो जहां ‘एआई और उससे आगे’ की बात कर रही है, वहीं टीसीएस का कहना है कि वह अपनी हर सेवा में एआई को शामिल कर रही है।
इस सम्मेलन में भारत से 100 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और एक बड़ा सरकारी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्य सरकारों के भी पवेलियन यहां लगे हैं।
अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और के. राममोहन नायडू समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के इसमें शामिल होने और द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। वहीं देवेंद्र फडणवीस, एन चंद्रबाबू नायडू, मोहन यादव, हेमंत सोरेन और हिमंत विश्व शर्मा जैसे मुख्यमंत्री संभावित निवेशकों के सामने अपने राज्यों की खूबियां पेश करेंगे।
दावोस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं, लेकिन भारत भी दुनिया भर के दिग्गजों में काफी दिलचस्पी पैदा कर रहा है। कुल मिलाकर, डब्ल्यूईएफ की इस वार्षिक बैठक में दुनिया भर के 3,000 से अधिक दिग्गज शिरकत कर रहे हैं।
भाषा सुमित प्रेम
प्रेम