प्रौद्योगिकी लोकतंत्रीकरण से ही बन सकती है प्रगति का माध्यम, एआई हमारे लिए सर्वसमावेशीः मोदी

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प्रौद्योगिकी लोकतंत्रीकरण से ही बन सकती है प्रगति का माध्यम, एआई हमारे लिए सर्वसमावेशीः मोदी

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 06:54 PM IST

पेरिस, 18 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी तभी प्रगति का माध्यम बन सकती है जब उसका लोकतंत्रीकरण किया जाए और भारत के लिए एआई (कृत्रिम मेधा) का मतलब ‘ऑल इनक्लूसिव’ (सर्वसमावेशी) होना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन ‘वीवाटेक 2026’ में यह बयान ऐसे समय दिया है जब अमेरिका ने विदेशी नागरिकों के लिए एंथ्रोपिक के नवीनतम एआई मॉडल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।

उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी तभी प्रगति का माध्यम बन सकती है, जब उसका लोकतंत्रीकरण किया जाए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत प्रौद्योगिकी के दम पर तेज बदलाव के दौर से गुजरा है।

उन्होंने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा भारत में हो रहा है।

उन्होंने कहा, “दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली से लेकर सबसे बड़े डिजिटल भुगतान मंच तक, हम वित्तीय समावेशन, शिक्षा और टेलीमेडिसिन के लिए बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं।”

वीवाटेक सम्मेलन यूरोप का प्रमुख प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन है। इस बार के सम्मेलन में भारत ने भारतीय और यूरोपीय नवाचार पारिस्थितिकी के बीच साझेदारी की संभावनाओं को दर्शाते हुए सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंडप स्थापित किया है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय