प्रौद्योगिकी केंद्र बेंगलुरु, हैदराबाद देश की शहरी अर्थव्यवस्था को दे रहे है नया आकार: रिपोर्ट

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प्रौद्योगिकी केंद्र बेंगलुरु, हैदराबाद देश की शहरी अर्थव्यवस्था को दे रहे है नया आकार: रिपोर्ट

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 05:54 PM IST

बेंगलुरु, 25 मार्च (भाषा) दक्षिण भारत के दो प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र बेंगलुरु और हैदराबाद देश की शहरी अर्थव्यवस्था की आधे से अधिक वृद्धि को गति देने के साथ ही रोजगार, उपभोग, परिवहन तथा शहरों के भविष्य को नया आकार दे रहे हैं। यह जानकारी बुधवार को जारी एक डेटा रिपोर्ट में दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्ष में भारत के प्रमुख शहरों में जोड़े गए श्रेणी ‘ए’ के कार्यालय क्षेत्र का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा इन दोनों शहरों में रहा।

ये जानकारी ‘वीआरसिटी 2026’ रिपोर्ट में सामने आईं जो अनबॉक्सिंगबीएलआर की भारतीय शहरों पर आधारित प्रमुख डेटा रिपोर्ट का दूसरा संस्करण है। इसे यहां ‘इंडायस्पोरा ग्लोबल एआई समिट’ 2026 में जारी किया गया।

‘ए टेल ऑफ टू सिटीज’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बेंगलुरु और हैदराबाद की डेटा आधारित तुलना प्रस्तुत की गई है। ये दोनों शहर भारत के सबसे तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी केंद्र हैं और अब दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तथा वृहन मुंबई के आर्थिक प्रभुत्व को चुनौती दे रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली-एनसीआर और वृहन मुंबई की तुलना में आबादी कम होने के बावजूद ये दोनों शहर अपनी क्षमता से कहीं अधिक प्रभाव डाल रहे हैं। पिछले दो वर्षों में भारत के शीर्ष आठ शहरों में घरेलू उड़ानों की नई गतिविधियों का लगभग 50 प्रतिशत योगदान इन दोनों शहरों का रहा। वर्ष 2024-25 में देश के प्रमुख शहरों में स्थापित हर चार नई कंपनियों में से एक का पंजीकरण बेंगलुरु या हैदराबाद में हुआ।

दोनों शहरों की वृद्धि प्रौद्योगिकी क्षेत्र से प्रेरित है, लेकिन उनके विकास और कामकाज के तरीके में स्पष्ट अंतर भी दिखता है। बेंगलुरु स्टार्टअप, वित्तपोषण, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकी नौकरियों के मामले में भारत की स्टार्टअप राजधानी बना हुआ है। यहां बैंक जमा और म्यूचुअल फंड निवेश भी अधिक है, जो अधिक आय और वित्तीय परिपक्वता को दर्शाता है।

वहीं हैदराबाद तेजी से वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) का प्रमुख केंद्र बन रहा है और एंटरप्राइज तकनीकी नौकरियों में बेंगलुरु के साथ अंतर कम कर रहा है। यहां खुदरा ऋण और आवास ऋण में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जो दर्शाता है कि शहर अभी अपने मूलभूत परिसंपत्तियों का तेजी से विकास कर रहा है।

रिपोर्ट में भारत के शीर्ष आठ शहरों की रैंकिंग के लिए तीन सूचकांक आर्थिक क्षमता, जीवन गुणवत्ता और कार्यबल आकर्षण भी पेश किए गए।

कार्यक्रम में अनबॉक्सिंगबीएलआर के चेयरमैन एवं सह-संस्थापक प्रशांत प्रकाश ने कहा कि बेंगलुरु और हैदराबाद भारत में शहरी विकास के दो अलग लेकिन समान रूप से प्रभावशाली मॉडल पेश करते हैं।

उन्होंने कहा कि बेंगलुरु नवाचार, जोखिम पूंजी एवं उद्यमशील ऊर्जा के कारण आगे बढ़ता है जबकि हैदराबाद दीर्घकालिक योजना एवं बुनियादी ढांचे पर आधारित क्रियान्वयन के जरिये तेजी से विस्तार कर रहा है।

प्रकाश ने कहा, ‘‘ इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बातचीत को धारणा से प्रमाण की ओर ले जाती है, और आंकड़ों का उपयोग करके यह दर्शाती है कि शहर किस प्रकार प्रतिस्पर्धा करते हैं, एक-दूसरे के पूरक हैं तथा अंततः भारत के आर्थिक भविष्य को आकार देते हैं।’’

अनबॉक्सिंगबीएलआर बेंगलुरु केंद्रित एक सहयोगी मंच है जिसकी स्थापना 2023 में की गई। इसका उद्देश्य शहर की संस्कृति एवं पहचान को प्रोत्साहित करना और उसे आकार देना है।

भाषा निहारिका अजय

अजय