नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) विश्व व्यापार संगठन की चार दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक 26 मार्च से कैमरून में शुरू हो रही है। इस बैठक में भारत छोटे किसानों और मछुआरों की आजीविका की रक्षा और डिजिटल व्यापार जैसे उभरते क्षेत्रों में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए नीतिगत गुंजाइश जैसे मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाएगा।
भारत, चीन और अमेरिका सहित 166 सदस्य देशों के वाणिज्य मंत्री मध्य अफ्रीकी देश कैमरून के याओन्डे में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में कृषि, ई-कॉमर्स और मत्स्य पालन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होंगे।
वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को बयान में कहा कि मंत्री वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण व्यापार मुद्दों के समाधान के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। इसमें वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बयान के अनुसार, ‘‘विश्व व्यापार संगठन के बहुपक्षीय जनादेश का सम्मान करना, खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना, विकासशील देशों में छोटे किसानों और मछुआरों सहित लाखों लोगों की आजीविका संबंधी चिंताओं की रक्षा करना और डिजिटल व्यापार जैसे उभरते क्षेत्रों में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश सुनिश्चित करने का एजेंडा भारत के रुख के मुख्य आधार बने रहेंगे।’’
इसमें कहा गया है कि भारत विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए एक खुली, निष्पक्ष, समावेशी और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
मंत्रिस्तरीय सम्मेलन जिनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। यह हर दो साल में आयोजित होता है। पिछला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अबू धाबी में हुआ था।
यह बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक शुल्क और पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक व्यापार बाधित हुआ है।
बैठक में चर्चा के लिए निर्धारित प्रमुख एजेंडा में डब्ल्यूटीओ सुधार, ई-कॉमर्स, विकास के लिए निवेश सुविधा (आईएफडी), मत्स्य पालन सब्सिडी, कृषि और विकास संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
भाषा रमण अजय
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