तेलंगाना ने की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 5,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त केंद्रीय कोष की मांग
तेलंगाना ने की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 5,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त केंद्रीय कोष की मांग
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क ने बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राज्य के विकास विशेष रूप से सार्वजनिक शिक्षा में महत्वाकांक्षी सुधार के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता और वित्तीय छूट की मांग की।
उपमुख्यमंत्री ने सीतारमण से राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के तहत 2025-26 के लिए तेलंगाना को पहले से आवंटित 4,208 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 5,000 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का आग्रह किया।
राज्य सरकार के एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने 2014 से 2023 के बीच विशेष उद्देश्यीय इकाई के माध्यम से लिए गए ऋणों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को राज्य के वित्त पर एक प्रमुख बाधा बताया।
उपमुख्यमंत्री ने तेलंगाना की 30,000 करोड़ रुपये की शिक्षा परिवर्तन योजना पर भी चर्चा की। इसमें 105 ‘यंग इंडिया इंटिग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल’ (वाईआईआईआरएस) परिसरों के लिए 21,000 करोड़ रुपये और जूनियर कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों और डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए 9,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
विक्रमार्क ने अनुरोध किया कि दो बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, एडीबी (एशियाई विकास बैंक) समर्थित 4,049 करोड़ रुपये की ‘यंग इंडिया इंटिग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स’ पहल और एआईआईबी द्वारा वित्तपोषित 4,903 करोड़ रुपये की शिक्षा बुनियादी ढांचा मिशन से जुड़े ऋणों को राज्य की एफआरबीएम (राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन) उधार सीमा से बाहर रखा जाए।
बाद में, विक्रमार्क ने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी से भी मुलाकात की और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लि. की कोयला गैसीकरण योजनाओं के लिए समर्थन, कोयागुडेम ब्लॉक-तीन के आवंटन और एमएमडीआर अधिनियम की धारा पांच के तहत ताडिचेरला कोयला ब्लॉक-दो के लिए खनन पट्टे की शीघ्र मंजूरी को लेकर आग्रह किया।
किशन रेड्डी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जल्द ही सिंगरेनी प्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय और राज्य अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक का वादा किया।
भाषा रमण अजय
अजय

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