दूरसंचार कंपनियों का राजस्व दिसंबर तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये के पार
दूरसंचार कंपनियों का राजस्व दिसंबर तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये के पार
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का संचयी आधार पर सकल राजस्व दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर 1.02 लाख करोड़ रुपये रहा है। दूरसंचसार नियामक ट्राई ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
एक साल पहले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का सकल राजस्व 96,390 करोड़ रुपये था। वहीं सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में 99,828 करोड़ रुपये था।
समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर 8.13 प्रतिशत बढ़कर 84,270 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी तिमाही में यह 77,934 करोड़ रुपये था।
एजीआर दूरसंचार सेवाओं की बिक्री और लाइसेंस शुल्क तथा स्पेक्ट्रम उपयोग समेत सरकारी शुल्कों से प्राप्त होता है।
रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया आदि जैसे एक्सेस सेवा प्रदाताओं का दिसंबर तिमाही में कुल एजीआर में 84.54 प्रतिशत का योगदान रहा।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सितंबर, 2025 तिमाही तक प्रकाशित प्रदर्शन संकेतक रिपोर्ट में एजीआर आंकड़ों से पता चलता है कि रिलायंस जियो 31,767.11 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ शीर्ष पर रही।
इसके बाद भारती एयरटेल 28,497.45 करोड़ रुपये के एजीआर और वोडाफोन आइडिया 8,176.62 करोड़ रुपये के एजीआर के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।
लाभ में आ चुकी सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल ने अपने एजीआर में सालाना आधार पर 12.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है और यह 2,003.48 करोड़ रुपये रहा। वहीं एमटीएनएल का एजीआर सालाना आधार पर लगभग 75 प्रतिशत घटकर 37.77 करोड़ रुपये रहा।
सरकार का लाइसेंस शुल्क संग्रह सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 6,733 करोड़ रुपये रहा, जबकि स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क 3.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,020 करोड़ रुपये रहा।
भाषा रमण अजय
अजय

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