प.बंगाल की भाजपा सरकार ने पेश किया पहला बजट;डीए में 20 प्रतिशत वृद्धि,एक लाख रिक्तियां भरने का वादा

प.बंगाल की भाजपा सरकार ने पेश किया पहला बजट;डीए में 20 प्रतिशत वृद्धि,एक लाख रिक्तियां भरने का वादा

प.बंगाल की भाजपा सरकार ने पेश किया पहला बजट;डीए में 20 प्रतिशत वृद्धि,एक लाख रिक्तियां भरने का वादा
Modified Date: June 22, 2026 / 01:06 pm IST
Published Date: June 22, 2026 1:06 pm IST

कोलकाता, 22 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि, सभी प्रमुख सामाजिक योजनाओं को जारी रखने और एक लाख सरकारी रिक्तियों को भरने का वादा किया।

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में राज्य का वार्षिक बजट पेश करते हुए अपनी घोषणाओं के जरिये राजकोषीय अनुशासन एवं कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया। इस दौरान सत्तापक्ष की ओर से जोरदार तालियां बजीं।

दासगुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि एक अक्टूबर से प्रभावी होगी और कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा।

नई सरकार के रोजगार लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में एक लाख रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा, जिनमें एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।

मंत्री ने कहा, ‘‘ हम सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखेंगे।’’

एक महत्वपूर्ण आवंटन के तहत सरकार ने अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए।

मंत्री ने महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा की और कहा कि इस योजना को सुगम बनाने के लिए जल्द ही ‘पिंक कार्ड’ प्रणाली शुरू की जाएगी।

दासगुप्ता ने कहा कि सरकार को पिछली सरकार से 8.15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राजकोषीय अनुशासन सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बना रहेगा।

सभी दलों के विधायकों को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत वार्षिक आवंटन को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

बजट में कुछ विशिष्ट सामाजिक समूहों के लिए भी उपाय शामिल किए गए हैं।

सेवानिवृत्त पत्रकारों को 5,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी, जबकि राजनीतिक कारणों से जेल में रहे लोगों को 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएगी।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में