मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 27 पैसे टूटकर 95.79 प्रति डॉलर पर आ गया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का सक्रिय हस्तक्षेप और मजबूत घरेलू वृद्धि महत्वपूर्ण सहारा दे रहे हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर बढ़ती बॉन्ड प्रतिफल और 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा कच्चा तेल देश की आयात लागत पर भारी दबाव डाल रहे हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.70 प्रति डॉलर पर खुला। इसके बाद यह टूटकर 95.79 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 27 पैसे की गिरावट है।
रुपया बृहस्पतिवार को 44 पैसे टूटकर 95.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत चढ़कर 99.16 पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.76 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 108.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 628.24 अंक टूटकर 74,257.69 अंक पर और निफ्टी 221.20 अंक फिसलकर 23,255.10 अंक पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 438.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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