मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए महत्वाकांक्षी उत्पाद पेश करने पर अपना ध्यान केंद्रित रखेगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2029-30 की अवधि में बिक्री मात्रा में 10 गुना वृद्धि और 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को यहां कंपनी की 81वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) अपनी वृद्धि रणनीति के तहत मूल्य श्रृंखला में विशेष रूप से कृत्रिम मेधा (एआई) सहित डिजिटल प्रौद्योगिकियों में भी उल्लेखनीय निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘ आने वाले पांच वर्षों के लिए कंपनी की बड़ी महत्वाकांक्षा है। मूल रूप से वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2029-30 तक एक दशक की अवधि में कंपनी का लक्ष्य बिक्री मात्रा में 10 गुना वृद्धि करते हुए 12 लाख से अधिक वाहन बेचना और मौजूदा 14.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है।’’
चंद्रशेखरन ने कहा कि कुल मिलाकर कंपनी वृद्धि की राह पर है और टीएमपीवी आज के उपभोक्ताओं के लिए महत्वाकांक्षी उत्पाद पेश करने पर अपना ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की है। टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) दोनों में नए उत्पादों तथा पावरट्रेन की मजबूत श्रृंखला तैयार है। जेएलआर इस वर्ष की दूसरी छमाही में कई नए उत्पाद पेश करेगी।
जेएलआर में करीब दो महीने तक उत्पादन ठप रहा। इसके परिणामस्वरूप कंपनी के राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट आई और उसका राजस्व लगभग 23 अरब ब्रिटिश पाउंड रहा। इस दौरान कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ और एड्रियन के स्थान पर बालाजी ने जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्य श्रृंखला में विशेष रूप से एआई सहित डिजिटल प्रौद्योगिकियों में उल्लेखनीय निवेश कर रही है। साथ ही, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और जेएलआर के बीच विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए सहयोग और मजबूत हो रहा है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि तमिलनाडु में टीएमएल पीवी और जेएलआर की इकाई में परिचालन की सफल शुरुआत भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
टीएमपीवी और उसकी अनुषंगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव ने इस वर्ष फरवरी में तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनपक्कम स्थित अपनी नई इकाई में परिचालन शुरू किया था।
यह इकाई एक नए संयंत्र के पहले चरण का प्रतिनिधित्व करती है, जहां टीएमपीवी और जेएलआर दोनों ब्रांडों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अगली पीढ़ी के वाहनों का विनिर्माण किया जाएगा।
चंद्रशेखरन ने कहा कि यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन कारोबार को अलग कर दो स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियां बनाने का निर्णय ‘‘बेहद निर्णायक कदम’’ है। यह केवल एक संरचनात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में मजबूत मौजूदगी और टाटा मोटर्स तथा जेएलआर के माध्यम से वैश्विक उपस्थिति वाले भविष्य के लिए तैयार, विश्वस्तरीय व्यक्तिगत परिवहन उद्यम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी महत्वाकांक्षा एक ऐसा विश्वसनीय, महत्वाकांक्षी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी गतिशीलता ब्रांड बनाने की है, जो भविष्य के सभी ग्राहकों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सके।’’
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत वैश्विक स्तर पर स्थिर वृद्धि, मुद्रास्फीति में नरमी और वित्तीय परिस्थितियों में सुधार की उम्मीदों के साथ अच्छी रही।
चेयरमैन ने कहा कि हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं और वित्त वर्ष के अंत में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव ने मुद्रास्फीति के दबाव और धीमी आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अलावा जेएलआर में साइबर हमले के कारण लगभग दो महीने तक उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।’’
उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप कंपनी के राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट आई और उसका राजस्व लगभग 23 अरब ब्रिटिश पाउंड रहा।
चंद्रशेखरन ने कहा कि ऐसे माहौल में लचीलापन और प्रभावी क्रियान्वयन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद कंपनी ने भारत में बहुत मजबूत प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ जिस कारोबार से पहले 4,000 करोड़ रुपये का नकदी बहिर्वाह दर्ज किया गया था, वह अब 2,000 करोड़ रुपये का सकारात्मक नकदी प्रवाह देने लगा है। कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का सुधार हुआ है। उतनी ही महत्वपूर्ण बात यह है कि नए उत्पादों की सफल पेशकश से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 4.2 प्रतिशत से बढ़कर इस वर्ष 14.2 प्रतिशत हो गई है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी को शुरू से ही विश्वास था कि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य होंगे। इसी सोच के साथ उसने वृद्धि की मजबूत नींव रखी और वह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि कुल प्रदर्शन पर जेएलआर में अस्थायी व्यवधान का असर पड़ा। हालांकि, उत्पादन के सामान्य स्तर पर लौटने और भारत के यात्री वाहन कारोबार में बनी मजबूत मांग कंपनी को भविष्य के लिए आश्वस्त करती है।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा