उद्योगों में कुल रोजगार 2024-25 में दो करोड़ के पार: सरकारी सर्वेक्षण
उद्योगों में कुल रोजगार 2024-25 में दो करोड़ के पार: सरकारी सर्वेक्षण
नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) उद्योगों में कुल रोजगार का आंकड़ा 2024-25 में दो करोड़ के पार पहुंच गया। इसमें मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र का योगदान रहा, जिसने 14 लाख से अधिक कामगारों को रोजगार दिया। बुधवार को जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई) से यह जानकारी मिली।
एएसआई के अनुसार, उद्योगों में काम करने वाले लोगों की अनुमानित संख्या 2024-25 में 7.19 प्रतिशत बढ़कर 2.10 करोड़ हो गई जो 2023-24 में 1.96 करोड़ थी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार का विस्तार जारी रहा। कामगारों को दिए गए कुल वेतन एवं अन्य पारिश्रमिक में भी 2024-25 में इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 12.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सर्वेक्षण के अनुसार, 2024-25 में विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार देने के मामले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पांच प्रमुख राज्य रहे। इन राज्यों में मिलकर देश के कुल विनिर्माण रोजगार का करीब 56 प्रतिशत हिस्सा रहा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए एएसआई के परिणाम जारी किए।
एएसआई 2024-25 के लिए सर्वेक्षण का क्षेत्रीय काम अक्टूबर, 2025 से जून, 2026 के बीच किया गया।
वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विनिर्माण उद्योगों में उत्पादन, मूल्यवर्धन, रोजगार, पूंजी निर्माण और अन्य मानकों के आधार पर उनकी संरचना, वृद्धि और बदलाव की स्थिति की जानकारी देना है।
पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में 2024-25 के दौरान व्यापक वृद्धि दर्ज की गई। निवेशित पूंजी, कच्चे माल की लागत, उत्पादन, सकल मूल्यवर्धन (जीवीए), रोजगार और मजदूरी जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतकों में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई।
इस क्षेत्र में प्रतिष्ठानों की कुल संख्या बढ़कर 2024-25 में 2.67 लाख हो गई जो 2023-24 में 2.60 लाख थी। प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक संख्या तमिलनाडु में 41,221 रही। इसके बाद गुजरात (33,084) और महाराष्ट्र (27,379) का स्थान रहा।
इसी अवधि में सकल मूल्यवर्धन 9.59 प्रतिशत बढ़कर 2,694.2 हजार करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2,458.3 हजार करोड़ रुपये था।
राज्यों की हिस्सेदारी के लिहाज से 2024-25 में विनिर्माण क्षेत्र के सकल मूल्यवर्धन में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का स्थान रहा।
इन पांच राज्यों ने मिलकर देश के कुल विनिर्माण जीवीए में 54 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। देशभर के कुल प्रतिष्ठानों में भी इन पांच राज्यों की हिस्सेदारी 53.30 प्रतिशत रही।
सर्वेक्षण के अनुसार मूल धातु, मोटर वाहन, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद, औषधि उत्पाद और खाद्य उत्पाद पांच प्रमुख उद्योग रहे। इन सभी ने मिलकर 2024-25 में देश के कुल विनिर्माण जीवीए में 45 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया।
भाषा रमण अजय
अजय
लेखक के बारे में
Web Title: उद्योगों में कुल रोजगार 2024-25 में दो करोड़ के पार: सरकारी सर्वेक्षण
बिज़नेस
और भी पढ़ें ›मोबिक्विक की प्रवर्तक टाकू की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 10.24 प्रतिशत हुई
30 Sept 2026 | 10:27 pmभारत के 96 प्रतिशत संगठन बीते साल साइबर घटनाओं के शिकार, एआई से बढ़ी चुनौती: सिस्को
30 Sept 2026 | 10:24 pmप्रवासियों का भारत पर शुद्ध दावा जून तिमाही में बढ़कर 220.3 अरब डॉलर पर: आरबीआई
30 Sept 2026 | 10:18 pmकपड़ा मंत्रालय ने आरओएससीटीएल योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ाया
30 Sept 2026 | 10:13 pmसावधि जमा के एवज में बैंक कर्ज अगस्त में 43 प्रतिशत बढ़ा: आरबीआई आंकड़ा
30 Sept 2026 | 10:03 pmलावण्या मुंडयूर को सरकार ने न्यू इंडिया एश्योरेंस का सीएमडी नियुक्त किया
30 Sept 2026 | 10:02 pmगेब्रेमरियम को मिली सुरक्षा मंजूरी, अब संभालेंगे एयर इंडिया की कमान
30 Sept 2026 | 10:00 pmअगस्त में बैंक ऋण दर में मामूली गिरावट : आरबीआई
30 Sept 2026 | 9:52 pm