भारत एलपीजी ला रहे दो टैंकर ने होर्मुज को पार किया, एक भारतीय नौका हमले में डूबी

भारत एलपीजी ला रहे दो टैंकर ने होर्मुज को पार किया, एक भारतीय नौका हमले में डूबी

भारत एलपीजी ला रहे दो टैंकर ने होर्मुज को पार किया, एक भारतीय नौका हमले में डूबी
Modified Date: May 14, 2026 / 05:01 pm IST
Published Date: May 14, 2026 5:01 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे दो टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है, जबकि इसी क्षेत्र के पास हुए हमले में एक भारतीय नौका डूब गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि ‘सिमी’ नामक एलपीजी टैंकर 13 मई को जलडमरूमध्य पार कर गया, जबकि ‘एनवी सनशाइन’ टैंकर ने बृहस्पतिवार को सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार किया।

अमेरिका-इजराइल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह समुद्री मार्ग प्रभावी रूप से बाधित था, लेकिन अब तक कुल 13 भारतीय पोत इस मार्ग से निकल चुके हैं।

हालांकि, भारत के ध्वज वाली मशीनी पाल नौका ‘हाजी अली’ बुधवार तड़के ओमान के जलक्षेत्र में हमले का शिकार हो गई। इस हमले में लकड़ी के इस पोत में आग लग गई और बाद में यह डूब गई। यह नौका सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह की तरफ जा रही थी।

मंगल ने कहा, “पोत पर सवार चालक दल के सभी 14 सदस्यों को ओमान तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया है। वे ओमान के डिब्बा बंदरगाह पहुंच चुके हैं और सभी सुरक्षित हैं।”

उन्होंने बताया कि इस नौका के चालक दल को जल्द भारत लाया जाएगा और इस संबंध में भारत सरकार ओमान प्रशासन तथा भारतीय दूतावास के साथ समन्वय बनाए हुए है।

अधिकारियों के अनुसार, डूबी हुई नाव की लंबाई 57 मीटर और चौड़ाई 14 मीटर थी। यह लकड़ी से बनी एक पारंपरिक नौका थी जिसमें कई पाल लगे होते हैं। इस तरह के जहाजों का इस्तेमाल सदियों से हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापार के लिए किया जाता रहा है।

एलपीजी टैंकर की आवाजाही ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बरकरार है। मार्शल द्वीप ध्वज वाले पोत ‘सिमी’ के 19,965 टन एलपीजी लेकर 16 मई को गुजरात के कांडला पहुंचने की उम्मीद है।

वहीं, वियतनाम ध्वज वाला पोत ‘एनवी सनशाइन’ यूएई की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर चला है और इसके 18 मई को नया मंगलूर पहुंचने की संभावना है। दोनों जहाजों में लदा माल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का है।

मार्च की शुरुआत से अब तक 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर समेत कुल 13 भारतीय जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं।

हालांकि, अभी भी खाड़ी क्षेत्र में करीब 12 भारतीय पोत फंसे हुए हैं। इसके अलावा भारत के लिए माल लेकर जा रहे कई विदेशी जहाज भी प्रभावित हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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