भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा की कमी से यूनिलीवर को बिक्री बढ़ने की उम्मीद: सीईओ
भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा की कमी से यूनिलीवर को बिक्री बढ़ने की उम्मीद: सीईओ
नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) यूनिलीवर के मुख्य कार्यापालक अधिकारी (सीईओ) फर्नांडो फर्नांडीज ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला में बाधाओं तथा कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से पैकेजिंग लागत बढ़ने के बीच भारत जैसे बाजारों में स्थानीय प्रतिस्पर्धा घट रही है, जिससे यूनिलीवर को घरेलू देखभाल श्रेणी में मात्रा वृद्धि को समर्थन मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में आपूर्ति संबंधी बाधाओं से अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और कंपनी की बहुध्रुवीय आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ बनी हुई है।
फर्नांडीज ने कहा, ‘हम भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया में कुछ स्थानीय कंपनियों के बीच आपूर्ति की कमी देख रहे हैं। इससे हमारी बिक्री को बल मिलेगा और भविष्य में कीमतों का समायोजन करना सरल हो जाएगा।’
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में उसने भारतीय बाजार में कपड़े धोने के पाउडर (लॉन्ड्री पाउडर) के क्षेत्र में अपनी अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी प्राप्त की है। इसके साथ ही, कंपनी तेजी से बढ़ते ‘तरल डिटर्जेंट’ खंड में भी अपनी स्थिति को सुदृढ़ कर रही है।
यूनिलीवर की भारतीय इकाई हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) श्रीनिवास ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने बिक्री की मात्रा में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो काफी अच्छी है।
सीएफओ ने कहा, ‘घरेलू देखभाल खंड में मुद्रास्फीति अक्सर हमारे पक्ष में कार्य करती है। हमारे पास विभिन्न मूल्य श्रेणियों के उत्पादों का एक बड़ा संग्रह है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कई स्थानीय कंपनियां आपूर्ति और नकदी के संकट के कारण दबाव में हैं।’
इसे एक अच्छा अवसर बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी की वृद्धि आगे भी जारी रह सकती है, क्योंकि वह कीमत और बिक्री मात्रा के बीच संतुलन बनाए रखने में सक्षम है।
उन्होंने कहा, “मांग के लिहाज से भारत का बाजार अच्छा दिख रहा है और हमें अपनी वृद्धि जारी रखने का भरोसा है।”
राजस्व के आधार पर भारत, अमेरिका के बाद यूनिलीवर का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और कुल बिक्री में इसका योगदान करीब 12 से 14 प्रतिशत है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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