लखनऊ, 25 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए औद्योगिक गलियारा योजना के अंतर्गत जनपद सुलतानपुर में इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास के निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास विकसित किए जाने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर के लिए लगभग 272.25 करोड़ रुपये का खर्च अनुमोदित किया गया है और यह पूरा खर्च राज्य सरकार उठायेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी के चयन को वैश्विक निविदा आमंत्रित की जाएगी और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आईएमएलसी के विकास से सुलतानपुर में उद्योगों की स्थापना, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप होने के कारण क्लस्टर को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ विशाल श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी प्रदान कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, इन आठ औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन इकाइयों को नीति के तहत शुद्ध राज्य माल एवं सेवा कर और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की चार मई, 2026 को हुई बैठक में इन औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर विचार कर मंत्रिमंडल से अनुमोदन की संस्तुति की गई थी।
भाषा सलीम जितेंद्र अजय
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