कालीन निर्यात को गति देने के लिये सरकार से तत्काल समर्थन की जरूरत: सीईपीसी

कालीन निर्यात को गति देने के लिये सरकार से तत्काल समर्थन की जरूरत: सीईपीसी

कालीन निर्यात को गति देने के लिये सरकार से तत्काल समर्थन की जरूरत: सीईपीसी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: September 20, 2020 1:13 pm IST

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिये सरकार से तत्काल समर्थन की रविवार को मांग की। परिषद का कहना है कि श्रम पर आधारित यह क्षेत्र कोविड-19 से जुड़ी बाधाओं से पार पाने के लिये जूझ रहा है।

सीईपीसी के चेयरमैन सिद्ध नाथ सिंह ने कहा कि आगरा, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही जैसे क्षेत्रों में कालीन इकाइयां अपनी कुल क्षमता के केवल 30 से 35 प्रतिशत पर ही काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि इकाइयां लंबित आर्डर की आपूर्ति कर रही हैं और आर्डर की स्थिति अच्छी नहीं है।

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सिंह ने कहा कि अमेरिका, रूस, आस्ट्रेलिया, यूरोप, न्यूजीलैंड, कनाडा और लातिन अमेरिका के देशों से आर्डर आ रहे हैं।

कालीन निर्यात में अमेरिका और यूरोप की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत है।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘क्षेत्र को सरकार से तत्काल समर्थन की जरूरत है। यदि मदद देने में देरी होती है तो उद्योग पर असर पड़ेगा। हमारे पास ज्यादा काम नहीं है, इसीलिए हम अपने श्रमिकों को नहीं बुला रहे।’’

सिंह ने कहा कि परिषद ने हाल ही में ‘ऑनलाइन’ मेले का आयोजन किया। इसी प्रकार का एक मेला इस महीने के अंत में आस्ट्रेलिया के खरीदारों के लिये आयोजित किया जाएगा।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान कालीन निर्यात 25 प्रतिशत घटकर 43.9 करोड़ डॉलर रहा।

भाषा

रमण सुमन

सुमन


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