नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (आइमा) के अध्यक्ष टी वी नरेंद्रन ने शनिवार को कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में कृत्रिम मेधा (एआई) और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती अहमियत के बीच भारत की समृद्धि बनाए रखने के लिए उद्योग जगत की हस्तियों के पास प्रौद्योगिकी को समझने और उसे लागू करने की क्षमता होनी जरूरी है।
नरेंद्रन ने ‘आइमा’ के 70वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय व्यवसाय और उनके नेतृत्वकर्ता राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
टाटा स्टील के वैश्विक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक नरेंद्रन ने कहा कि घरेलू कंपनियां आज दुनिया भर में व्यवसायों का अधिग्रहण कर रही हैं और भारतीय प्रबंधक विश्व के कुछ सबसे जटिल संगठनों का संचालन कर रहे हैं।
उन्होंने एआई के संदर्भ में कहा, ‘कृत्रिम मेधा अब केवल चर्चा का एक छोटा हिस्सा नहीं रह गया है। यह अब सरकारों की सोच, व्यवसायों के संचालन और भविष्य के लिए समाज की तैयारियों के केंद्र में है।’
जलवायु परिवर्तन पर नरेंद्रन ने कहा कि यह अब कोई दूर का जोखिम नहीं है, बल्कि कंपनियों के बहीखाते और नियामकीय ढांचों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जो अधिकांश देशों को कभी नहीं मिलता। हमारा डिजिटल बुनियादी ढांचा कई विकसित देशों द्वारा दशकों में खड़ी की गई संरचना से आगे निकल चुका है। हमारा स्टार्टअप परिवेश ऊर्जावान है और विनिर्माण की महत्वाकांक्षाएं वास्तविक हैं। दुनिया आज भारत को उस नजरिये से देख रही है जैसा पहले कभी नहीं देखा।”
नरेंद्रन ने कहा कि सार्वजनिक, निजी और सामाजिक क्षेत्रों में प्रबंधन की गुणवत्ता यह तय करेगी कि यह अवसर स्थायी समृद्धि में बदलेगा या फिर अधूरी संभावनाओं की कहानी बनकर रह जाएगा।
भाषा सुमित प्रेम
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