मुंबई, 21 फरवरी (भाषा) दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शनिवार को मुंबई और ठाणे में प्रदर्शन किया।
शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने गांधी के बार-बार ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ बयान देने और संसद के कामकाज में बाधा डालने के लिए उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुलुंड टोल प्लाजा पर राहुल गांधी की कार की ओर काले झंडे दिखाए, जब वह पड़ोसी ठाणे के भिवंडी जा रहे थे। गांधी 2014 में उनके खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक स्वयंसेवक द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में अदालत में पेश होने जा रहे थे।
पुलिस ने राहुल गांधी के दौरे के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी टकराव को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहलों का लगातार विरोध करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने गांधी पर देश की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया।
भाजपा के एक समर्थक ने कहा, ‘‘राहुल गांधी प्रधानमंत्री के हर कदम का लगातार विरोध करते हैं। यहां तक कि देश से जुड़े मुद्दों पर भी। एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और भारत की छवि धूमिल की। इसीलिए हमने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।’’
भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को ‘एआई इंपैक्ट समिट’ के एक प्रदर्शनी हॉल में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।
इसके अलावा, शिवसेना की ठाणे जिला इकाई ने व्यस्त तेम्भी नाका इलाके में ‘जोड़े मारो’ विरोध प्रदर्शन किया और लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ नारे लगाए।
शिवसेना सांसद म्हास्के ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश आत्मविश्वास के साथ प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जब विश्व एआई शिखर सम्मेलन में भारत की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन देख रहा था, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में बिना शर्ट पहने प्रदर्शन करके देश को शर्मिंदा किया। यह कृत्य भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था।’
उन्होंने आरोप लगाया कि घरेलू और विदेशी मंचों पर देश की प्रगति का लगातार विरोध करने के कारण राहुल गांधी की मानसिक स्थिति ‘बिगड़ रही है’।
म्हास्के ने कहा, ‘आज राहुल गांधी भिवंडी में एक अदालती मामले की सुनवाई के लिए आए हैं। उन्हें अपने काफिले को ठाणे की ओर मोड़ देना चाहिए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर हमने उनके ‘अच्छे इलाज’ के लिए ठाणे मानसिक अस्पताल में एक बिस्तर पहले ही बुक करा लिया है।’
उन्होंने मांग की कि प्राधिकारी गांधी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।
शिवसेना नेता ने कहा, ‘राहुल गांधी राष्ट्रविरोधी बयान दे रहे हैं और संसद के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं। देश की प्रगति को रोकने की कोशिश करने के लिए उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने का यह सही समय है।’
भाषा अमित दिलीप
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