‘यूजरनेम’ फीचर से साइबर अपराध का गंभीर खतरा: आईटी सचिव कृष्णन

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‘यूजरनेम’ फीचर से साइबर अपराध का गंभीर खतरा: आईटी सचिव कृष्णन

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 02:37 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 02:37 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करने (इम्पर्सनेशन) और साइबर अपराध की ‘‘गंभीर’’ आशंकाओं के मद्देनजर व्हाट्सऐप और अन्य संदेश मंचों से उनके ‘यूजरनेम’ फीचर पर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने इस सप्ताह व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल को ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर नोटिस जारी किए हैं। इस सुविधा के जरिये लोग अपना फोन नंबर साझा किए बिना संदेश मंच पर संवाद (चैट) सकते हैं।

‘यूजरनेम’ फीचर शुरू करने की योजना की घोषणा के कुछ ही दिन बाद मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप को सरकार ने नोटिस जारी कर पूछा कि उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।

केंद्र सरकार ने कहा है कि इन मुद्दों पर उसकी संतुष्टि होने और परामर्श प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस सेवा को लागू नहीं किया जाना चाहिए।

टेलीग्राम और सिग्नल पर ‘यूजरनेम’ फीचर पहले से उपलब्ध है, उन्हें भी बाद में नोटिस जारी किए गए। भारत में व्हाट्सऐप के करीब 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जबकि टेलीग्राम की पहुंच इससे काफी कम है।

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साइबर सुरक्षा सम्मेलन से इतर कहा, ‘‘ हमने ‘यूजरनेम’ का मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करने की गंभीर आशंका है और यह साइबर अपराध करने के लिए प्रोत्साहन या सुविधा प्रदान करता है। यह बहुत गंभीर मामला है।’’

उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े एक मामले में उच्चतम न्यायालय भी इस विषय पर विचार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘यूजरनेम’ फीचर ‘‘ साइबर अपराध किए जाने का एक और तरीका’’ है।

कृष्णन ने कहा, ‘‘ …इसी वजह से हमने व्हाट्सऐप को निर्देश दिया है कि वह बताए कि उसने यह फीचर क्यों पेश किया है और इसी तरह हमने अन्य मंचों से भी स्पष्टीकरण मांगा है। ’’

भाषा निहारिका अजय

अजय