वेदांता की याचिका व्यावसायिक निर्णय को ‘परोक्ष’ चुनौती देने जैसाः अदाणी समूह

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वेदांता की याचिका व्यावसायिक निर्णय को 'परोक्ष' चुनौती देने जैसाः अदाणी समूह

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 10:19 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 10:19 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण मामले में अदाणी एंटरप्राइजेज ने मंगलवार को एनसीएलएटी से कहा कि ऋणग्रस्त कंपनी के समाधान पेशेवर द्वारा बोलीदाताओं से कुछ खास पहलुओं पर जानकारी मांगने को अनियमितता नहीं माना जा सकता और इसे चुनौती देना कर्जदाताओं के व्यावसायिक निर्णय की न्यायिक समीक्षा की ‘परोक्ष’ अनुमति देने जैसा होगा।

दिवाला समाधान प्रक्रिया में विजेता घोषित अदाणी एंटरप्राइजेज की तरफ से वरिष्ठ वकील रितिन राय ने दलील दी कि जिस मूल्यांकन मानदंड को वेदांता लिमिटेड ने चुनौती दी है, उसे प्रक्रिया की शुरुआत से ही सभी पक्षों के साथ साझा किया गया था और सभी बोलीदाताओं ने इसे स्वीकार किया था।

राय ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) की सुनवाई के दौरान कहा कि चुनौती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वेदांता द्वारा दिया गया संशोधित प्रस्ताव अगर स्वीकार कर लिया जाता तो पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती थी।

कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने कुछ अस्पष्टताओं की पहचान कर समाधान पेशेवर को सभी आवेदकों से स्पष्टीकरण लेने को कहा था, जिसके बाद पांच नवंबर को सभी से ईमेल के जरिए जवाब मांगा गया।

राय ने कहा, ‘जेपी एसोसिएट्स के लिए नियुक्त समाधान पेशेवर ने कोई स्वतंत्र या एकतरफा फैसला नहीं लिया, बल्कि केवल सीओसी के निर्देशों को सूचित करने का काम किया। इस तरह के आचरण को किसी भी तरह की महत्वपूर्ण अनियमितता नहीं माना जा सकता।’

उन्होंने यह भी कहा कि कर्ज समाधान योजना का मूल्यांकन केवल शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) पर आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें कई मात्रात्मक और गुणात्मक मानकों को शामिल किया जाता है, जैसा कि नियमों में भी उल्लेख है।

वेदांता की तरफ से रखी गई दलीलों में कहा गया था कि उसका प्रस्ताव कुल मूल्य में लगभग 3,400 करोड़ रुपये और एनपीवी के आधार पर करीब 500 करोड़ रुपये अधिक है।

हालांकि, राय ने कहा कि केवल एनपीवी के मामले में सबसे अधिक होना बोली में विजेता बनने की गारंटी नहीं देता।

इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बोली प्रक्रिया में जानकारी लीक होने की आशंका जताते हुए कहा था कि वेदांता ने आठ नवंबर 2025 को चुनौती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद संशोधित प्रस्ताव दिया था।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की पीठ बुधवार को मामले में आगे की सुनवाई करेगी। इस दौरान समाधान पेशेवर, सीओसी और अदाणी एंटरप्राइजेज की दलीलों का वेदांता की तरफ से जवाब दिया जाएगा।

वेदांता ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की इलाहाबाद पीठ के 17 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी गई थी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण