दक्षिण कोरिया की इस्पात कंपनी पोस्को दो दशक बाद ओडिशा लौटेगी: सरकार

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दक्षिण कोरिया की इस्पात कंपनी पोस्को दो दशक बाद ओडिशा लौटेगी: सरकार

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 09:34 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 09:34 PM IST

भुवनेश्वर, 21 अप्रैल (भाषा) ओडिशा में करीब दो दशक पहले स्थानीय विरोध के कारण अपनी बड़ी परियोजना छोड़ चुकी दक्षिण कोरिया की दिग्गज इस्पात कंपनी पोस्को अब राज्य में वापसी करने जा रही है। कंपनी जेएसडब्ल्यू समूह के साथ मिलकर एक नई इस्पात परियोजना लगाएगी।

उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने यह जानकारी दी।

शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि पोस्को ओडिशा लौट रही है। इस संबंध में सोमवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।’’

पोस्को ने 2000 के दशक की शुरुआत में जगतसिंहपुर जिले के पारादीप के पास 51,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1.2 करोड़ टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली एक बड़ी इस्पात कारखाना लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के कारण उसे यह योजना छोड़नी पड़ी थी।

इसके अलावा, देश में खनिज नीति में बदलाव के कारण कंपनी को कच्चे माल की आपूर्ति भी नहीं मिल पाई थी।

शर्मा ने कहा कि पोस्को ने ओडिशा में दो प्रमुख नई परियोजनाएं स्थापित करने में रुचि दिखाई है, जिनमें से एक क्योंझर जिले में 50 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला संयंत्र और दूसरी ढेंकानाल जिले में 60 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली इस्पात इकाई है।

शर्मा ने कहा, ‘‘हालांकि राज्य सरकार के पास इस उद्देश्य के लिए 1,000 एकड़ जमीन उपलब्ध है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह और जमीन की व्यवस्था कर सकती है। राज्य सरकार पोस्को को ओडिशा में अपने प्रस्तावित संयंत्र लगाने के लिए सभी जरूरी लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।’’

ढेंकानाल में प्रस्तावित परियोजना में जेएसडब्ल्यू और पोस्को की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी और इसमें कुल निवेश लगभग 35,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

भाषा राजेश राजेश योगेश रमण

रमण