ईंधन, बिजली, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से थोक मुद्रास्फीति अप्रैल में 8.3 प्रतिशत पर

ईंधन, बिजली, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से थोक मुद्रास्फीति अप्रैल में 8.3 प्रतिशत पर

ईंधन, बिजली, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से थोक मुद्रास्फीति अप्रैल में 8.3 प्रतिशत पर
Modified Date: May 14, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: May 14, 2026 12:36 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) ईंधन, बिजली और कच्चे पेट्रोलियम की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण अप्रैल में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 8.30 प्रतिशत हो गई जो मार्च में 3.88 प्रतिशत थी।

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित ईंधन और बिजली श्रेणी में मुद्रास्फीति दर अप्रैल में 24.71 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 1.05 प्रतिशत थी। कच्चे पेट्रोलियम की महंगाई दर अप्रैल में 88.06 प्रतिशत रही जबकि मार्च में यह 51.5 प्रतिशत थी।

थोक महंगाई में यह तेज बढ़ोतरी पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी अवरोध के असर को दर्शाती है जिसके जरिये भारत अधिकतर कच्चे तेल का आयात करता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं में महंगाई अप्रैल में 1.98 प्रतिशत रही, जो मार्च में 1.90 प्रतिशत थी। गैर-खाद्य वस्तुओं में महंगाई दर बढ़कर अप्रैल में 12.18 प्रतिशत हो गई जो पिछले महीने 11.5 प्रतिशत थी।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ अप्रैल 2026 में मुद्रास्फीति खनिज तेल, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, मूल धातु, अन्य विनिर्माण और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण अधिक रही।’’

ईंधन और बिजली श्रेणी में, एलपीजी में मुद्रास्फीति दर अप्रैल में 10.92 प्रतिशत रही। पेट्रोल में महंगाई दर 32.40 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने 2.50 प्रतिशत थी। डीजल में महंगाई दर अप्रैल में 25.19 प्रतिशत रही जबकि मार्च में यह 3.26 प्रतिशत थी।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद सरकार ने अब तक पेट्रोल और घरेलू एलपीजी की कीमतों को स्थिर रखा है ताकि उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी के असर से बचाया जा सके। हालांकि, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की गई है।

भाषा निहारिका

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