नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) त्वरित आपूर्ति करने वाली कंपनी जेप्टो अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तिथि आगे बढ़ाने के साथ ही निर्गम के पहले करीब 1,000 करोड़ रुपये का वित्त जुटाने की तैयारी में है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मामले से परिचित सूत्रों ने कहा कि यह निवेश लगभग 4.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर होगा, जो अक्टूबर, 2025 में मिले सात अरब डॉलर के मूल्यांकन से कम है।
इस वित्तपोषण दौर में मुख्य रूप से घरेलू निवेशकों के भाग लेने की संभावना है, जिससे कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी बढ़ सके, जो फिलहाल करीब 40 प्रतिशत है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अपने प्रस्तावित आईपीओ को फिलहाल टाल दिया है, जिसे पहले जुलाई, 2026 में लाने की योजना थी।
इस संबंध में टिप्पणी के लिए जेप्टो को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है।
आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा द्वारा स्थापित जेप्टो ने पिछले साल दिसंबर में बाजार नियामक सेबी के पास गोपनीय मार्ग से आईपीओ के मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे। मसौदे के अनुसार, कंपनी 8,010 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी और 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री पेशकश के तहत रखा जाएगा।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 22,624 करोड़ रुपये रहा और उसने प्रतिदिन औसतन 17.5 लाख ऑर्डर पूरे किए।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय