(फाइल फोटो के साथ)
रायपुर, 26 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ में पिछले छह सालों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़, आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार माओवादियों से एके-47, इंसास और एसएलआर राइफल समेत 989 हथियार बरामद किए गए हैं। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में दी।
विपक्ष के नेता चरण दास महंत के एक सवाल के लिखित जवाब में शर्मा ने यह भी बताया कि पिछले सात सालों में नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे हैं।
उन्होंने कहा कि लूटे गए हथियारों में दो एसएलआर, एलएमजी, 29 एके -47 राइफल, दो सात इंसास राइफल और तीन 9एमएम पिस्तौल शामिल हैं।
शर्मा के पास गृह विभाग भी है।
महंत ने अपने सवाल में 2019-20 से इस वर्ष 31 जनवरी तक सुरक्षा बलों से नक्सलियों द्वारा लूटे गए हथियारों की जानकारी मांगी थी।
उन्होंने यह भी पूछा था कि 2020 से अब तक कितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, गिरफ्तार हुए या पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तथा उनसे कितने और किस तरह के हथियार बरामद या ज़ब्त किए गए।
अपने जवाब में, शर्मा ने कहा कि एक जनवरी, 2020 से 31 जनवरी, 2026 तक, अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 4,340 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 3,644 गिरफ्तार हुए और 666 मारे गए।
उन्होंने कहा कि इन मुठभेड़ों के बाद 671 हथियार बरामद किए गए।
उन्होंने कहा कि इसी दौरान, गिरफ्तार नक्सलियों से 80 हथियार ज़ब्त किए गए, जबकि आत्मसमर्पण करने वालों से 238 हथियार बरामद किए गए।
शर्मा ने कहा कि कुल बरामद हथियारों में 70 एके -47 राइफलें, 82 सेल्फ लोडिंग राइफलें (एसएलआर) और 75 इंसास राइफलें थीं।
गृहमंत्री ने कहा एक जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2026 के बीच नक्सलियों ने सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे थे, जिनमें 29 एके -47 राइफलें, सात इंसास राइफलें और दो एसएलआर शामिल हैं।
भाषा संजीव राजकुमार
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