छत्तीसगढ़ में धान की खेती के क्षेत्रफल के सटीक आकलन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर
छत्तीसगढ़ में धान की खेती के क्षेत्रफल के सटीक आकलन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर
रायपुर, 23 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ में धान की खेती के क्षेत्रफल के सटीक आकलन और सत्यापन के लिए खाद्य संचालनालय और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में धान की खेती के क्षेत्रफल के सटीक, वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित आकलन की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत प्रदेश में सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीटीएस) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर धान की खेती के क्षेत्रफल की मैपिंग और सत्यापन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश में धान की खेती के वास्तविक क्षेत्रफल के आकलन को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है।
उन्होंने बताया कि समझौते के अंतर्गत विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम तथा डूब क्षेत्रों में स्थित ऐसे कृषि भू-भागों की पहचान एवं मैपिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका विवरण वर्तमान में ‘जियो-रेफरेंस्ड’ स्वरूप में उपलब्ध नहीं है। ऐसे कृषि क्षेत्रों की डिजिटल भौगोलिक पहचान सुनिश्चित हो सकेगी।
भाषा संजीव
शफीक
शफीक

Facebook


