Ambikapur Juvenile Home Escape: निगरानी गृह में लाइट बंद होते ही हुआ कुछ ऐसा, अंदाजा लगाना भी मुश्किल, पुलिस के छूटे पसीनें, जानें क्या है मामला?

Ambikapur Juvenile Home Escape: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अंधेरे का फायदा उठाकर सभी भाग निकले।

Ambikapur Juvenile Home Escape: निगरानी गृह में लाइट बंद होते ही हुआ कुछ ऐसा, अंदाजा लगाना भी मुश्किल, पुलिस के छूटे पसीनें, जानें क्या है मामला?

Ambikapur Juvenile Home Escape/Photo Credit: AI

Modified Date: June 24, 2026 / 07:26 am IST
Published Date: June 23, 2026 11:00 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अंबिकापुर के सरकारी नाबालिग निगरानी गृह से 11 किशोर फरार हो गए
  • भारी बारिश और बिजली गुल होने का फायदा उठाकर खिड़की उखाड़कर भागने का आरोप
  • पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी कर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत कई स्थानों पर तलाश अभियान शुरू किया

अंबिकापुर। Ambikapur Juvenile Home Escape: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां मंगलवार को कथित तौर पर भारी बारिश और बिजली ठप होने का फायदा उठाकर अंबिकापुर के सरकारी नाबालिग निगरानी गृह से 11 नाबालिग फरार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर सभी किशोर मौका पाकर भाग निकले।

निगरानी गृह के देखभालकर्ता मनीष कुशवाहा ने बताया कि जिला मुख्यालय अंबिकापुर शहर में गांधी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित गृह में शाम करीब 7:30 बजे यह घटना हुई। फरार नाबालिगों का पता लगाने के लिए पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी है और रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों तथा अन्य स्थानों पर तलाश अभियान शुरू किया है।

 

खिड़की तोड़कर हुए फरार

Ambikapur Juvenile Home Escape उन्होंने बताया कि ये नाबालिग रात का भोजन करने के बाद अपने कमरों में लौट गए थे, जबकि कुछ टेलीविजन देख रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान गरज के साथ भारी बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण इलाके में बिजली चली गई। उन्होंने कहा कि स्थिति का फायदा उठाकर 11 नाबालिगों ने कथित तौर पर एक खिड़की उखाड़ दी और वहां से फरार हो गए।

अधिकारी ने बताया कि फरार नाबालिग (Ambikapur Juvenile Home Escape) सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों के रहने वाले हैं और उन्हें चोरी, बलात्कार और हत्या समेत विभिन्न आपराधिक मामलों के संबंध में इस गृह में रखा गया था।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.