नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए 40 एकड़ भू-खण्ड के आबंटन को मंजूरी
नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए 40 एकड़ भू-खण्ड के आबंटन को मंजूरी
रायपुर, 21 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में श्री विले पारले कलावनी मंडल (एसवीकेएम) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (एनएमआईएम) की स्थापना के लिए लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एनएमआईएम परिसर स्थापित करने के वास्ते मुंबई स्थित श्री विले पार्ले केलावनी मंडल को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों के पट्टे पर आवंटित करने को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि एसवीकेएम वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है। उनके वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जो एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर शोध कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्र के एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) विश्वविद्यालय रैंकिंग 2025 में इस संस्थान को 52वां स्थान मिला है। उम्मीद है कि यह राष्ट्रीय स्तर का संस्थान छत्तीसगढ़ में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच को और मजबूत करेगा।
उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से राज्य में आईटी/आईटीईएस (सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी-सक्षम सेवाएं) क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रौद्योगिकी स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और डेवलपमेंट (ईएसडीडी) केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को ईएसडीएम ( इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्टचरिंग) उत्पादों के प्रोटोटाइप तैयार करने में मदद करेगा। यह केंद्र हर साल 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी सहायता प्रदान करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों का सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी तथा इससे संबंधित कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया है।
भाषा संजीव नोमान
नोमान


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