Surrendered Naxalites told the story of joining Naxalism
Surrendered Naxalites told the story of joining Naxalism: बलरामपुर। जिले में कल पुलिस के सामने 3 महिला समेत सात नक्सलियों ने कल समर्पण किया है। ऐसे में समर्पित नक्सली ने मीडिया के सामने नक्सली बनने की कहानी बताई। कल जिन 7 नक्सलियों ने समर्पण किया है इनमें सबसे ज्यादा सक्रिय नन्दू कोरवा था। नंदू कोरवा ने पुलिस के सामने समर्पण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह कभी भी नक्सली नहीं बनना चाहता था, लेकिन एरिया कमांडर विमल और अन्य नक्सली लगातार उसे जान से मारने की धमकी देते थे और घर जला देने की भी धमकी देते थे।
परिवार को मारने की मिलती थी धमकी
नंदू कोरवा ने बताया कि घर मे उसकी पत्नी और बच्चा था उसे डर था नक्सली उसके पत्नी और बच्चे को भी मार देंगे इसी भय से उसने साल 2016 में नक्सलिज्म जॉइन किया था। उसने बताया कि साल 2018 में झारखंड में वह जेल गया था। इस दौरान उसने बलरामपुर जिले के भूताही के पास एक बम लगाया था, जिसे वह वापस ले गया था। उसने बताया कि वह काफी समय से बेहतर जीवन जीना चाहता था और उसने इस बार पुलिस के सामने समर्पण किया।
जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
एसपी मोहित गर्ग ने कहा कि लगातार पुलिस के द्वारा एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरगुजा संभाग में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक साथ सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ऐसे में एक नक्सली द्वारा नक्सली बनने की जो कहानी प्रस्तुत की गई है उससे यह साफ स्पष्ट होता है कि उनके अंदर भी बेहतर जिंदगी जीने की ललक तो होती है, लेकिन एक भय के कारण वहां वह रहते हैं लेकिन अब वो मुख्यधारा में जुड़ना चाहते हैं।
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