Janjgir Jail HIV Positive /Photo Credit: Social Media
Janjgir Jail HIV Positive: एक तरफ एचआईवी संक्रमण से रोकने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार शहर से लेकर गांव तक लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है, बावजूद इसके संक्रमितों के आंकड़ों में तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है। कुछ राज्य तो ऐसे भी है जहां हर साल HIV संक्रमितों के आंकड़े दोगुने हो जाते हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां जिला जेल के 4 बंदी HIV पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया, हैरानी की बात यह है कि जेल में कैसे इस संक्रमण ने बंदियों को अपनी चपेट में ले लिया? क्योंकि जेल में बंदी पुलिस प्रहरी की देखरेख में रहते हैं। बंदियों में HIV पुष्टि होते ही अब उनके इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Janjgir Jail HIV Positive जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल में जांच कराने पर 4 बंदियों की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई है, बताया जा रहा है कि संक्रमित बंदियों को जेल में संचालित हॉस्पिटल के माध्यम से दवाई दी जा रही है। वही, बिलासपुर सिम्स में भी चेकअप कराया जाता है। लेकिन जेल के अंदर इस तरह के संक्रमण का फैलना आश्चर्य की बात है। HIV संक्रमित कैदियों को समय पर इलाज और जरूरी दवाइयां देना बहुत जरूरी है।
Janjgir Jail HIV Positive आपको बता दें कि हाल ही में रायगढ़ में 57 HIV पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई थी। इतनी भारी संख्या में एचआईवी संक्रमितों की पुष्टि होने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि केवल रायगढ़ नहीं पूरे प्रदेश में HIV पीड़ित का पता कर रहे हैं, जो पॉजिटिव होकर निकलेंगे उसने घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने मरीजों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। नशीली दवाइयां जो यूथ नशे के रूप में कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस इस दिशा में कार्रवाई भी कर रही है। समाज और परिवार के लोगों को भी इस पर जागरूक होना पड़ेगा।
Janjgir Jail HIV Positive बताया जा रहा है कि पिछले 9 सालों में जिले में 443 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, इनमें 35 नाबालिग, 22 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। साल 2017 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि जिले में अब तक 443 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 30 से अधिक नाबालिग, 22 गर्भवती महिलाएं, 120 से अधिक नवयुवा और 250 से अधिक 25 से अधिक उम्र के महिला और पुरुष शामिल हैं, जिनका इलाज रायगढ़ के केजीएच एआरटी सेंटर में चल रहा है।