Surabhi Gaudham Chhattisgarh : बदलेगा गौसेवा का स्वरूप! न्यायधानी से CM विष्णुदेव साय ने किया ‘सुरभि गौधाम’ का आगाज, अब हर गौशाला को मिलेगी ये नई पहचान

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Vishnu Deo Sai ने Bilaspur के लाखासार में 25 एकड़ में बने गौधाम का शुभारंभ किया और घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे।

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  • Publish Date - March 14, 2026 / 06:01 PM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 06:01 PM IST

Surabhi Gaudham Chhattisgarh / Image Source : social media

HIGHLIGHTS
  • लाखासार में 25 एकड़ के गौधाम का शुभारंभ।
  • प्रदेश के सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे।
  • प्रशिक्षण भवन और पशु एम्बुलेंस की घोषणा।

बिलासपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।

छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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गौधाम कहाँ शुरू हुआ?

बिलासपुर जिले के लाखासार गांव में।

गौधाम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय और संरक्षण देना।

नई घोषणा क्या की गई?

सभी गौधामों का नाम अब ‘सुरभि गौधाम’ होगा।