Swami Atmanand School: स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बंद होंगी ये तीन कक्षाएं, नौकरी से हटाए गए कई शिक्षक! बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में अभिभावक

Swami Atmanand School bilaspur : शहर के चार आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं बंद करने की तैयारी से करीब 300 बच्चों का भविष्य अधर में नजर आ रहा है।

Swami Atmanand School: स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बंद होंगी ये तीन कक्षाएं, नौकरी से हटाए गए कई शिक्षक! बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में अभिभावक

Swami Atmanand School, image source: ibc24

Modified Date: January 13, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: January 13, 2026 5:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बच्चों के भविष्य को लेकर भटक रहे अभिभावक
  • नर्सरी, UKG, LKG के कई शिक्षकों को नौकरी से हटाया
  • कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर बोला सीधा हमला

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की एक और योजना पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। (Swami Atmanand School Chhattisgarh) बिलासपुर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर के चार आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं बंद करने की तैयारी से करीब 300 बच्चों का भविष्य अधर में नजर आ रहा है। अभिभावकों में चिंता है, पेरेंट्स इसे लेकर सड़क से प्रशासन तक आवाज़ उठा रहे हैं। वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है।

बिलासपुर जिले के चार स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने से हड़कंप मच गया है।(Swami Atmanand School Chhattisgarh) बिलासपुर जिले में ऐसे चार स्कूल हैं, तिलक नगर, तारबहार, लाल बहादुर शास्त्री और लाला लाजपतराय स्कूल इनमें शमिल हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 300 बच्चे सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।

बच्चों के भविष्य को लेकर भटक रहे अभिभावक

अभिभावक इस निर्णय से खासे परेशान हैं और बच्चों के भविष्य को लेकर भटक रहे हैं। (Swami Atmanand School Chhattisgarh)  अभिभावकों का कहना है कि, आत्मानंद स्कूल योजना के तहत बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसा दिया गया था लेकिन अब शुरुआती कक्षाएं बंद होने से बच्चों की पढ़ाई और आगे के एडमिशन पर संकट खड़ा हो गया है। अभिभावक लगातार इस इस फैसले को बदलते हुए राहत की मांग कर रहे हैं।

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नर्सरी, UKG, LKG के कई शिक्षकों को नौकरी से हटाया

इधर, इस संशय के बीच प्रशासन पर भी बच्चों और अभिभावकों का दबाव बढ़ा हुआ है। बताया जा रहा है, पहले आत्मानंद स्कूलों का संचालन डीएमएफ फंड से होता था। (Swami Atmanand School Chhattisgarh) शिक्षकों की सैलरी व अन्य खर्च DMF फंड से उपयोग किए जाते थे, लेकिन अब इसके नियमों में बदलाव के बाद डीएमएफ फंड का उपयोग स्कूल संचालन के लिए नहीं किया जा सकता है। इसी वजह से नर्सरी UKG LKG के कई शिक्षकों को नौकरी से हटा दिया गया है।

हालांकि, प्रशासन का कहना है, जो बच्चे अभी नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई बीच में नहीं रोकी जा रही है, उन्हें कक्षा पूरी करने दी जाएगी। लेकिन इसके बाद नए सत्र को लेकर प्रशासन के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। प्रशासन का कहना है, वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है, ताकि बच्चों के भविष्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर बोला सीधा हमला

वहीं मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। (Swami Atmanand School Chhattisgarh) कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि, आत्मानंद योजना को कमजोर किया जा रहा है और गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधेरे में डाला जा रहा है। वहीं बीजेपी का कहना है कि, कांग्रेस की दूषित नीति और निर्णय के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। अब कांग्रेसी बेवजह भ्रम फैला रहे हैं। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित होने नहीं दी जाएगी।

फिलहाल आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी से यूकेजी तक की कक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभिभावक प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। (Swami Atmanand School Chhattisgarh) जबकि प्रशासन और सरकार अपने फैसले को सही ठहरा रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़ती चिंता को कैसे दूर करती है।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com